04 October 2012

भगवान राम का वंश

Photo: भगवान राम का वंश


हिंदू धर्म में राम को विष्णु का सातवाँ अवतार माना जाता है। वैवस्वत मनु के दस पुत्र थे - इल, इक्ष्वाकु, कुशनाम, अरिष्ट, धृष्ट, नरिष्यन्त, करुष, महाबली, शर्याति और पृषध। राम का जन्म इक्ष्वाकु के कुल में हुआ था। जैन धर्म के तीर्थंकर निमि भी इसी कुल के थे। मनु के दूसरे पुत्र इक्ष्वाकु से विकुक्षि, निमि और दण्डक पुत्र उत्पन्न हुए। इस तरह से यह वंश परम्परा चलते-चलते हरिश्चन्द्र, रोहित, वृष, बाहु और सगर तक पहुँची। इक्ष्वाकु प्राचीन कौशल देश के राजा थे और इनकी राजधानी अयोध्या थी। रामायण के बालकांड में गुरु वशिष्ठजी द्वारा राम के कुल का वर्णन किया गया है जो इस प्रकार है

ब्रह्माजी से मरीचि हुए.
मरीचि के पुत्र कश्यप हुए.
कश्यप के पुत्र विवस्वान थे.
विवस्वान के वैवस्वत मनु हुए. वैवस्वत मनु के समय जल प्रलय हुआ था.
वैवस्वतमनु के दस पुत्रों में से एक का नाम इक्ष्वाकु था। इक्ष्वाकु ने अयोध्या को अपनी राजधानी बनाया और इस प्रकार इक्ष्वाकु कुल की स्थापना की।
इक्ष्वाकु के पुत्र कुक्षि हुए.
कुक्षि के पुत्र का नाम विकुक्षि था.
विकुक्षि के पुत्र बाण हुए.
बाण के पुत्र अनरण्य हुए.
अनरण्य से पृथु हुए.
पृथु से त्रिशंकु का जन्म हुआ.
त्रिशंकु के पुत्र धुंधुमार हुए.
धुन्धुमार के पुत्र का नाम युवनाश्व था.
युवनाश्व के पुत्र मान्धाता हुए.
मान्धाता से सुसन्धि का जन्म हुआ.
सुसन्धि के दो पुत्र हुए- ध्रुवसन्धि एवं प्रसेनजित.
ध्रुवसन्धि के पुत्र भरत हुए।
भरत के पुत्र असित हुए.
असित के पुत्र सगर हुए.
सगर के पुत्र का नाम असमंज था.
असमंज के पुत्र अंशुमान हुए.
अंशुमान के पुत्र दिलीप हुए.
दिलीप के पुत्र भगीरथ हुए। भगीरथ ने ही गंगा को पृथ्वी पर उतरा था.
भगीरथ के पुत्र ककुत्स्थ थे.
ककुत्स्थ के पुत्र रघु हुए. रघु के अत्यंत तेजस्वी और पराक्रमी नरेश होने के कारण उनके बाद इस वंश का नाम रघुवंश हो गया, तब राम के कुल को रघुकुल भी कहा जाता है।
रघु के पुत्र प्रवृद्ध हुए.
प्रवृद्ध के पुत्र शंखण थे.
शंखण के पुत्र सुदर्शन हुए.
सुदर्शन के पुत्र का नाम अग्निवर्ण था.
अग्निवर्ण के पुत्र शीघ्रग हुए.
शीघ्रग के पुत्र मरु हुए.
मरु के पुत्र प्रशुश्रुक थे.
प्रशुश्रुक के पुत्र अम्बरीष हुए.
अम्बरीष के पुत्र का नाम नहुष था.
नहुष के पुत्र ययाति हुए.
ययाति के पुत्र नाभाग हुए.
नाभाग के पुत्र का नाम अज था.
अज के पुत्र दशरथ हुए.
दशरथ के चार पुत्र राम, भरत, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न हुए. इस प्रकार ब्रम्हा की उन्चालिसवी पीढ़ी में श्रीराम का जन्म हुआ.

हिंदू धर्म में राम को विष्णु का सातवाँ अवतार माना जाता है। वैवस्वत मनु के दस पुत्र थे - इल, इक्ष्वाकु, कुशनाम, अरिष्ट, धृष्ट, नरिष्यन्त, करुष, महाबली, शर्याति और पृषध। राम का जन्म इक्ष्वाकु के कुल में हुआ था। जैन धर्म के तीर्थंकर निमि भी इसी कुल के थे। मनु के दूसरे पुत्र इक्ष्वाकु से विकुक्षि, निमि और दण्डक पुत्र उत्पन्न हुए। इस तरह से यह वंश परम्परा चलते-चलते हरिश्चन्द्र, रोहित, वृष, बाहु और सगर तक पहुँची। इक्ष्वाकु प्राचीन कौशल देश के राजा थे और इनकी राजधनी अयोध्या थी। रामायण के बालकांड में गुरु वशिष्ठजी द्वारा राम के कुल का वर्णन किया गया है जो इस प्रकार है

ब्रह्माजी से मरीचि हुए.
मरीचि के पुत्र कश्यप हुए.
कश्यप के पुत्र विवस्वान थे.
विवस्वान के वैवस्वत मनु हुए. वैवस्वत मनु के समय जल प्रलय हुआ था.
वैवस्वतमनु के दस पुत्रों में से एक का नाम इक्ष्वाकु था। इक्ष्वाकु ने अयोध्या को अपनी राजधानी बनाया और इस प्रकार इक्ष्वाकु कुल की स्थापना की।
इक्ष्वाकु के पुत्र कुक्षि हुए.
कुक्षि के पुत्र का नाम विकुक्षि था.
विकुक्षि के पुत्र बाण हुए.
बाण के पुत्र अनरण्य हुए.
अनरण्य से पृथु हुए.
पृथु से त्रिशंकु का जन्म हुआ.
त्रिशंकु के पुत्र धुंधुमार हुए.
धुन्धुमार के पुत्र का नाम युवनाश्व था.
युवनाश्व के पुत्र मान्धाता हुए.
मान्धाता से सुसन्धि का जन्म हुआ.
सुसन्धि के दो पुत्र हुए- ध्रुवसन्धि एवं प्रसेनजित.
ध्रुवसन्धि के पुत्र भरत हुए।
भरत के पुत्र असित हुए.
असित के पुत्र सगर हुए.
सगर के पुत्र का नाम असमंज था.
असमंज के पुत्र अंशुमान हुए.
अंशुमान के पुत्र दिलीप हुए.
दिलीप के पुत्र भगीरथ हुए। भगीरथ ने ही गंगा को पृथ्वी पर उतरा था.
भगीरथ के पुत्र ककुत्स्थ थे.
ककुत्स्थ के पुत्र रघु हुए. रघु के अत्यंत तेजस्वी और पराक्रमी नरेश होने के कारण उनके बाद इस वंश का नाम रघुवंश हो गया, तब राम के कुल को रघुकुल भी कहा जाता है।
रघु के पुत्र प्रवृद्ध हुए.
प्रवृद्ध के पुत्र शंखण थे.
शंखण के पुत्र सुदर्शन हुए.
सुदर्शन के पुत्र का नाम अग्निवर्ण था.
अग्निवर्ण के पुत्र शीघ्रग हुए.
शीघ्रग के पुत्र मरु हुए.
मरु के पुत्र प्रशुश्रुक थे.
प्रशुश्रुक के पुत्र अम्बरीष हुए.
अम्बरीष के पुत्र का नाम नहुष था.
नहुष के पुत्र ययाति हुए.
ययाति के पुत्र नाभाग हुए.
नाभाग के पुत्र का नाम अज था.
अज के पुत्र दशरथ हुए.
दशरथ के चार पुत्र राम, भरत, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न हुए. इस प्रकार ब्रम्हा की उन्चालिसवी पीढ़ी में श्रीराम का जन्म हुआ.

क्या सच में हमारा परिवर्तन सही दिशा में हो रहा है...?????


कहा जाता है कि.... परिवर्तन संसार का नियम है..... और, परिवर्तन ही प्रशस्ती का मार्ग प्रशस्त करता है...

लेकिन... क्या सच में हमारा परिवर्तन सही दिशा में हो रहा है...?????

नमस्कार को टाटा खाया.... नूडल ने खा गया आटा !

देखो भाइयो, इस साली... अंग्रेजी के चक्कर में... हुआ..... बडा ही घाटा !!

सोचो कहाँ आ गए....?

माताजी को मम्मी खा गयी......पिता को खाया डैड.... !
दादाजी को ग्रैंडपा खा गये.........सोचो कितना बैड... !!

सोचो कहाँ आ गए....?

गुरुकुल को स्कूल खा गया.... गुरु को खाया चेला... !
अंग्रेजों के प्रभाव में आकर ...
सरस्वती की प्रतिमा पर साला सेकुलर मारे ढेला... !!

सोचो कहाँ आ गए....?

चौपालों को बीयर बार खा गया.... रिश्तों को खा गया टी.वी..... !
देख सीरियल.......... लगा लिपिस्टिक........ बक-बक करती बीबी !!

सोचो कहाँ आ गए....?

रसगुल्ले को केक खा गया ...... दूध पी गया अंडा.....!
दातून को टूथपेस्ट खा गया.......छाछ पी गया ठंढा.. !!

सोचो कहाँ आ गए....?

परंपरा को कल्चर खा गया..... हिंदी को खा गया अंग्रेजी .........!
दूध-दही के बदले...... चाय-कॉफ़ी पी पी कर बन गए हम लेजी !!

सोचो कहाँ आ गए...??

प्रेम से बोलो जय महाकाल की .....!!!

Foods with Folic Acid

The following foods are great sources for folic acid. This list isn’t expansive but is a great place to get started. As always, I do recommend organic if available.
Spinach Folic Acid Food

1. Dark Leafy Greens

It should come as no surprise that one of the planet’s healthiest foods is also one of the highest in folate. For an immediate boost in folic acid, consider adding more spinach, collard greens, kale, turnip greens and romaine lettuce into your daily diet. Just one large plate of these delicious leafy greens can provide you with almost all of your daily needs for folic acid.


Below is a short list of leafy greens that are high in folic acid.

Spinach — 1 cup = 263 mcg of folate (65% DV)
Collard Greens — 1 cup = 177 mcg of folate (44% DV)
Turnip Greens — 1 cup = 170 mcg of folate (42% DV)
Mustard Greens — 1 cup = 103 mcg of folate (26% DV)
Romaine Lettuce — 1 cup = 76 mcg of folate (19% DV)


2. Asparagus



This woody treat is perhaps the most nutrient dense foods with folic acid out of the entire vegetable kingdom. Eating just one cup of boiled asparagus will give you 262 mcg of folic acid, which accounts for approximately 65% of your daily needs. Not only is asparagus a delicious snack, but it’s also full of nutrients your body craves, including Vitamin K, Vitamin C, Vitamin A and Manganese.


3. Broccoli



Not only is broccoli one of the best detox foods you can eat, it’s also a great source for folic acid. Eating just one cup of broccoli will provide you with approximately 24% of your daily folic acid needs, not to mention a whole host of other important nutrients. We recommend eating organic broccoli raw or lightly steamed.

4. Citrus Fruits





Many fruits contain folic acid, but citrus fruits rank the highest. Oranges are an especially rich source of folic acid. One orange holds about 50 mcg, and a large glass of juice may contain even more. Other folate-rich fruits include papaya, grapefruit, grapes, banana, cantaloupe and strawberries. Here is a short list of fruits high in folic acid.
Papaya — One papaya = 115 mcg of folate (29% DV)
Oranges — One orange = 40 mcg of folate (10% DV)
Grapefruit — One grapefruit = 30 mcg of folate (8% DV)
Strawberries — 1 cup = 25 mcg of folate (6.5% DV)
Raspberries — 1 cup = 14 mcg of folate (4% DV)


5. Beans, Peas and Lentils





Beans and pulses especially high in folic acid include pinto beans, lima beans, green peas, black-eyed peas and kidney beans. A small bowl of any type of lentils will give you the majority of your recommended daily amounts for folate. Here is a short list of how much which beans have the most folic acid. 

Lentils — 1 cup = 358 mcg of folate (90% DV)
Pinto Beans — 1 cup = 294 mcg of folate (74% DV)
Garbanzo Beans — 1 cup = 282 mcg of folate (71% DV)
Black Beans — 1 cup = 256 mcg of folate (64% DV)
Navy Beans — 1 cup = 254 mcg of folate (64% DV)
Kidney Beans — 1 cup = 229 mcg of folate (57% DV)
Lima Beans — 1 cup = 156 mcg of folate (39% DV)
Split Peas — 1 cup = 127 mcg of folate (32% DV)
Green Peas — 1 cup = 101 mcg of folate (25% DV)
Green Beans — 1 cup = 42 mcg of folate (10% DV)


6. Avocado




The most beloved vegetable of Mexican fare, the buttery avocado holds up to 90mcg of folate per cup, which accounts for appoximately 22% of your daily needs. Not only are avocados one of the best foods with folic acid, but it’s also an excellent source of fatty acids, vitamin K and dietary fiber. Adding them to sandwiches or salads will make for an extra-healthy treat.

7. Okra





The world’s slimiest veggie is also one of the most nutrient rich. Okra has the distinct ability to simultaneously offer vitamins and minerals while cleansing the entire digestive tract from toxic build-up. When it comes to folate, Okra is a great source. Just one cup of cooked okra will give you approximately 37 mcg of folic acid.

8. Brussel Sprouts





While brussel sprouts probably isn’t your favorite vegetable, there is no denying that they are one of the best foods with folic acid. Eating one cup of boiled brussel sprouts will give you approximately 25% of your daily recommended amount. Brussel sprouts are also high in vitamin C, vitamin K, vitamin A, manganese and potassium. Even with the abundance of nutrients, it still remains incredibly difficult to convince your kid to give them a try.


9. Seeds and Nuts




It doesn’t matter if it’s pumpkin, sesame, sunflower or flax seeds, eating them raw or sprouted, or sprinkling them onto your next salad will add a healthy dose of folic acid. Sunflower seeds, flax seeds and peanuts are especially high in folate, with one cup offering up to 300 mcg. Nuts are also very high in folic acid, with both peanuts and almonds ranking especially high. Below is a short list of the best seeds and nuts for folic acid.

· Sunflower Seeds — ¼ cup = 82 mcg of folate (21% DV)

· Peanuts — ¼ cup = 88 mcg of folate (22%)
· Flax Seeds — 2 tbs = 54 mcg of folate (14% DV)
· Almonds — 1 cup = 46 mcg pf fp;ate (12% DV)



10. Cauliflower

Cauliflower has folate


This cruciferous vegetable is typically regarded as one of the best vitamin C foods, but it’s also a great source for folic acid. Eating just one cup of boiled cauliflower will give you approximately 55 mcg of folate, accounting for 14% of your recommended daily value. We recommend adding fresh cauliflower to a salad with some of the other folic acid foods on this list.

11. Beets






Beets are a great source for antioxidants that provide detox support, making them one of the best liver cleanse foods on the planet. While that’s a great reason to add them to your diet, beets are also known as one of the best foods with folic acid. Eating one cup of boiled beets will provide you with approximately 136 mcg of folate, accounting for 34% of your daily needs.

12. Corn






You probably have a can of corn in your pantry right now. This popular vegetable also contains plenty of folate. Just one cup of cooked corn will give you approximately 76 mcg of folic acid, accounting for almost 20% of your daily needs. We would recommend avoiding canned veggies and opting for fresh and organic.

13. Celery






Celery is commonly regarded as a great food to help with kidney stones, but did you know it’s also a great source for folic acid? Just one cup of raw celery will give you approximately 34 mcg of folate, accounting for 8% of your daily needs.

14. Carrots






Carrots are another extremely popular vegetable that is probably in your home right now. Just one cup of raw carrots will give you almost 5% of your daily recommended needs for folic acid. Eat baby carrots as a snack or add them to your salads for a folate boost!

15. Squash



Squash may not be the most popular vegetable for your family, but there is no denying its nutritional benefits. Whether it’s summer squash or winter squash, adding this veggie to your diet will help give you a boost in folic acid. Here is a breakdown of how much folate can be found in squash. 

Winter squash — 1 cup = 57 mcg of folate (14% DV)
Summer Squash — 1 cup = 36 mcg of folate (9% DV)


03 October 2012

पुराणों में श्लोकों की संख्या



  • ब्रह्मपुराण: १४०००
  • पद्मपुराण: ५५०००
  • विष्णुपुराण: २३०००
  • शिवपुराण: २४०००
  • श्रीमद्भावतपुराण: १८०००
  • नारदपुराण: २५०००
  • मार्कण्डेयपुराण: ९०००
  • अग्निपुराण: १५०००
  • भविष्यपुराण: १४५००
  • ब्रह्मवैवर्तपुराण: १८०००
  • लिंगपुराण: ११०००
  • वाराहपुराण: २४०००
  • स्कन्धपुराण: ८११००
  • वामनपुराण: १००००
  • कूर्मपुराण: १७०००
  • मत्सयपुराण: १४०००
  • गरुड़पुराण: १९०००
  • ब्रह्माण्डपुराण: १२०००

इस प्रकार सारे पुराणों के श्लोकों की कुल संख्या लगभग ४०३६०० (चार लाख तीन हजार छः सौ) है. इसके अलावा रामायण में लगभग २४००० एवं महाभारत में लगभग ११०००० श्लोक हैं.

!!! पीपल के पेड़ का महत्व !!!


पीपल के पेड़ की हिन्दू बहुत मनोयोग से पूजा करता है और इसको देव वृक्ष समझता है| इसको काटना घोर अपराध माना गया है अब तो वैज्ञानिको ने भी इस पेड़ को प्रकृति और आयुर्वेदिक दवाओ के लिए लाभकारी सिद्ध कर दिया है भगवान् श्री कृष्ण कहते है 

ऊर्ध्वमूलमध:शाखमश्वत्थं प्राहुरव्ययम् ।
छन्दांसि यस्य पर्णानि यस्तं वेद स वेदवित् ।।1।। 

अर्थात:-आदि पुरुष परमेश्वर रूप मूल वाले और ब्रह्म रूप मुख्य शाखा वाले जिस संसार रूप पीपल के वृक्ष को अविनाशी कहते हैं; 

तथा वेद जिसके पत्ते कहे गये हैं- उस संसार रूप वृक्ष को जो पुरुष मूल सहित तत्त्व से जानता है, वह वेद के तात्पर्य को जानने वाला है |

आइये हम भी जाने की पीपल के पेड़ से हमें क्या क्या लाभ मिलता है-

  • - यह 24 घंटे ऑक्सीजन देता है .
  • - इसके पत्तों से जो दूध निकलता है उसे आँख में लगाने से आँख का    दर्द ठीक हो जाता है (भगवत गीता अध्याय 26 ).
  • - पीपल की ताज़ी डंडी दातून के लिए बहुत अच्छी है .
  • - पीपल के ताज़े पत्तों का रस नाक में टपकाने से नकसीर में आराम मिलता ...है .
  • - हाथ -पाँव फटने पर पीपल के पत्तों का रस या दूध लगाए .
  • - पीपल की छाल को घिसकर लगाने से फोड़े फुंसी और घाव और जलने से हुए घाव भी ठीक हो जाते है .
  • - सांप काटने पर अगर चिकित्सक उपलब्ध ना हो तो पीपल के पत्तों का रस 2-2 चम्मच ३-४ बार पिलायें .विष का प्रभाव कम होगा .
  • - इसके फलों का चूर्ण लेने से बांझपन दूर होता है और पौरुष में वृद्धि होती है .
  • - पीलिया होने पर इसके ३-४ नए पत्तों के रस का मिश्री मिलाकर शरबत पिलायें .३-५ दिन तक दिन में दो बार दे .
  • - कुक्कुर खांसी में छाल का 40 मी ली. काढा दिन में तीन बार पिलाने से लाभ होता है . 
  • - इसके पके फलों के चूर्ण का शहद के साथ सेवन करने से हकलाहट दूर होती है और वाणी में सुधार होता है .
  • - इसके फलों का चूर्ण और छाल सम भाग में लेने से दमा में लाभ होता है .
  • - इसके फल और पत्तों का रस मृदु विरेचक है और बद्धकोष्ठता को दूर करता है .
  • - यह रक्त पित्त नाशक , रक्त शोधक , सुजन मिटाने वाला ,शीतल और रंग निखारने वाला है .

राजगृह कहां है **


एक बार एक व्यक्ति गौतम बुद्ध के पास आकर बोला-तथागत्, मैं तो बहुत प्रयत्न करता हूं पर जीवन में धर्म का कोई प्रभाव नहीं दिखाई देता। इस पर बुद्ध ने सवाल किया- क्या तुम बता सकते हो कि राजगृह यहां से कितनी दूर है? उस व्यक्ति ने उत्तर दिया- दो सौ मील। बुद्ध ने फिर पूछा- क्या तुम्हें पक्का विश्वास है कि यहां से राजगृह दो सौ मील है? 

व्यक्ति ने कहा- हां, मुझे निश्चित मालूम है कि राजगृह यहां से दो सौ मील दूर है। बुद्ध ने फिर प्रश्न किया- क्या तुम राजगृह का नाम लेते ही वहां अभी तुरंत पहुंच जाओगे? यह सुनकर वह व्यक्ति आश्चर्य में पड़ गया। उसे समझ में नहीं आ रहा था कि बुद्ध इस तरह के सवाल क्यों कर रहे हैं? फिर उसने थोड़ा सकुचाते हुए कहा- अभी मैं राजगृह कैसे पहुंच सकता हूं। 

अभी तो मैं आपके सामने खड़ा हूं। राजगृह तो तब पहुंचूंगा जब वहां के लिए प्रस्थान करूंगा और दो सौ मील की यात्रा करूंगा। यह सुनकर बुद्ध मुस्कराए। फिर बोले-यही तुम्हारे प्रश्न का उत्तर है। तुम राजगृह को तो जानते हो पर वहां तभी तो पहुंचोगे जब वहां के लिए प्रस्थान करोगे। यात्रा के कष्ट उठाओगे। उसके सुख-दुख झेलेगो। केवल जान लेने भर से तो वह चीज तुम्हें प्राप्त नहीं हो जाएगी। यही बात धर्म को लेकर भी लागू होती है। धर्म को सब जानते हैं पर उस तक वास्तव में पहुंचने के लिए प्रयत्न नहीं करते। उसके लिए कष्ट नहीं उठाना चाहते। 

उन्हें लगता है सब कुछ आसानी से बैठे-बिठाए मिल जाए। इसलिए अगर तुम वास्तव में धर्म का पालन करना चाहते हो तो पहले लक्ष्य का निर्धारण करो फिर उस दिशा में चलने की कोशिश करो। वह व्यक्ति बुद्ध की बातों को समझ गया। उसने तय किया कि वह धर्म के रास्ते पर चलेगा।

ठंडा मतलब toilet cleaner


दोस्तो आपको याद होगा ये नवंबर-दिसंबर सन् 2005 की बात है अमिताभ बच्चन अपने स्वर्गीय पिता हरिवंश राय बच्चन की जयंती के अवसर पर अपने परिवार के साथ उत्तर प्रदेश गए हुए थे. उन्होंने वहाँ एक समारोह में हिस्सा लिया लेकिन पेट दर्द के बाद उन्हें सोमवार सुबह साढ़े दस बजे दिल्ली के एस्कोर्ट्स अस्पताल में भर्ती करवाया गया था और हमारे देश की सर्वकालिक महान कांग्रेसी मीडिया ने इसे 24 घंटे दिखाकर राष्ट्रीय शोक घोषित करके सभी लोगोँ से ये कहा था कि अमिताभ बच्चन गंभीर रूप से बीमार है अपना सब लोग अपना काम-धाम छोड़ के भगवान से प्रार्थना करो !!!!

पूज्य राजीव दीक्षित अपने व्याख्यान मेँ सभा को संबोधित करते हुये कहते हैँ
http://www.youtube.com/watch?v=6JpOoS0bIBk&feature=plcp
कि- अमिताभ बच्चन नाम का एक फिल्म एक्टर है थोड़े समय पहले ये बीमार पड़ा और इसका ऑपरेशन हुआ और ऑपरेशन पूरे 9 घंटे चला उसे कुछ कोलाइटिस टाइप की नाम की आंतो अंतड़ियोँ के सड़ जाने की बीमारी थी तो जिस डॉक्टर ने उसका ऑपरेशन किया उससे मैँने पूछा की 9 घंटे तक आपने क्या ऑपरेशन किया ? ??

डॉ. बोला उसकी बड़ी आँत सड़ गई थी जगह जगह से उसको काटकर निकलना पड़ा तो फिर मैँने पूछा आपने ये 9 घंटे तक आँत काटकर क्योँ निकाला डॉ. बोला नहीँ निकालता तो ये मर जाता तो बचाने के लिये ये करना पड़ा !

फिर राजीव भाई जी लोगोँ से कहते हैँ बड़ी आँत सामान्य लोगोँ की नहीँ सड़ती है जो लोग "गाय का माँस (BEAF) सुअर का माँस (PORK) लाल माँस (RED MEAT) , शराब,सिगरेट,गुटखा,पिज्जा,बर्गर,हॉट-डॉग,मैगी ये सब खाते हैँ उन लो गोँ की बड़ी आँत सड़ती है" लेकिन अमिताभ बच्चन तो इनमेँ से कुछ नहीँ करता (वैसे वो अभी टीवी विज्ञापनोँ पर 5 रुपये की छोटू मैगी खाता दिख जायेगा) तो मैँने डॉ से पूछा फिर कैसे उसकी बड़ी आँत सड़ गई ?

तो डॉ. बोला "वो पेप्सी और कोकाकोला जैसे कोल्ड ड्रिँक पीता है और दस साल से पी रहा है और इससे भी अंतड़िया सड़ जाती हैँ" मैँने डॉ. से कहा कि क्या आपने अमिताभ बच्चन को इस बारे मे बताया ? डॉ बोला हाँ बता दिया। मैँने पूछा कि उसने क्या कहा उसका क्या रियेक्शन था ? तो डॉ बोला अमिताभ बच्चन ने अब से पेप्सी कोकाकोला का विज्ञापन करना बंद दिया पहले वो खूब एड करता था पर अब बंद कर दिया ! आज 2012 तक अमिताभ बच्चन pepsi coke की ad नहीं करता !(सभा मेँ तालियाँ गूंज उठी)

राजीव भाई जी बोले जब मुझे कन्फर्म हो गया तब मैँने अमिताभ बच्चन को E-Mail किया और उससे पूछा तो उसने कहा Yes It Is All True यह सब सच है कि मेरी आंते पेप्सी कोक पीने से सड़ गयीँ थी और उसे काट के निकाला गया।

मैँने बोला अमिताभ से कि आप ये सब टीवी./मीडिया पर बोल दो (सभा मेँ उपस्थित सभी लोग हँसने लगे) और अपने साथ ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर को भी बिठा दो वो भी बतायेगा कि कैसे मैँने 10 साल तक पेप्सी पी और आँते सड़ गईँ और उसे काट के निकालना पड़ा। तो अमिताभ ने कहा कि मैँ ये नहीँ कर सकता तो मैँने बोला कि इसपे एक 3 घंटे की फीचर फिल्म बना दो कि कैसे पेप्सी-कोक से आँते सड़ जाती हैँ उसने कहा कि मैँ ये भी नहीँ कर सकता मैँने पूछा क्योँ नहीँ कर सकते ! क्या तकलीफ है ??

अमिताभ बच्चन बोला-मैँने कोल्डड्रिँक कंपनियोँ से 100 करोड़ रुपये लिये हैँ और जब रुपये लिये तब कंपनी ने मुझसे एग्रीमेँट मेँ लिखवा लिया की जब तक ये दोनों अमेरीकन कंपनिया पेप्सी,कोक भारत मेँ रहेँगी मैँ उनके खिलाफ एक भी बात नहीँ बोलूंगा ऐसा समझौता हुआ है।


और अगर मैँने ऐसा उनके खिलाफ बोला तो वो मुझ पर 500 करोड़ का दावा ठोँक देँगी और ये 500 मुझे देना पड़ेगा और मेरा पास इतना पैसा नहीँ है मैँ कंगाल और भिखारी हो जाऊंगा (ध्यान दीजिये ये सन् 2005 की बात है फालतू के ख्याल दिमाग मेँ मत लायेँ) इसीलिये मैँ कंपनी के खिलाफ नहीँ जा सकता। मैँने पूछा मैँ बोलू इनके खिलाफ तो उसने बोला हाँ आप बोल दो, आपने तो कोई समझौता नहीँ किया है। मैँने फिर पूछा आपका नाम लेकर बोलूं तो अमिताभ बच्चन ने कहा हाँ मेरा नाम लेकर बोल दो अगर मेरा नाम लेके लोगोँ का भला होता है तो बोल दो कि अमिताभ बच्चन को ठंडा मतलब कोकाकोला पीने से ये हुआ है तो मुझे कोई समस्या नहीँ है, आप मेरा नाम लेकर बोल सकते हैँ

अब राजीव भाई सभा मेँ उपस्थित लोगोँ से कहते हैँ कि अब आप लोग देख लो कि ये पेप्सी-कोकाकोला आदि कोल्डड्रिँक्स कितनी खतरनाक हैँ इसीलिये कभी गलती से भी मत पीना और कभी आपके घर मेँ मेहमान-अतिथि आयेँ तो उन्हेँ भी बिल्कुल मत पिलाना,हमारी संस्कृति कहती है ! अतिथि देवो भव ! अतिथि भगवान के समान होते हैँ !और उन्हेँ टॉयलेट क्लीनर या संडास साफ करने का पानी नहीँ पिलाया करते (सभा मेँ उपस्थित सभी लोग हँसने लगे) ये आप ध्यान रखे !!
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और एक बात अगर आपको लगता है कि ठंडा मतलब toilet cleaner ये बात किसी ने मज़ाक मे बोली है ! तो आप से बड़ा मूर्ख कोई नहीं है !! नीचे link पर click कर दूसरी post पढे
http://www.facebook.com/photo.php?fbid=456275441080138&set=a.137060829668269.14827.100000930577658&type=3&theater


इसके बाद पूज्य राजीव जी अगले विषय पर व्याख्यान देने लगे जिसे हम अगले भाग मेँ पोस्ट करेँगे

तब तक आप यहाँ जरूर जरूर एक बार click करे ! और अपने कानो से सारी बात सुने !!
http://www.youtube.com/watch?v=6JpOoS0bIBk&feature=plcp

वन्देमातरम !!

सिकलसेल जानकारी और उपाय



Sickle cell disease is also called an invisible disease because you are not from the outside can see if someone has sickle cell disease. Sickle cell disease is a kind of anemia (anemia).

In most people, blood consists for a large part of red blood cells, also known aserythrocytes mentioned. These red blood cells ensure that your body gets enough oxygen. This oxygen is attached to a red pigment called hemoglobin A . In people with sickle cell disease is this red dye slightly differently than in healthy people.People with sickle cell have hemoglobin S . This causes the abnormal red blood cells change shape, once they have a certain amount of oxygen delivered. Then you lower hemoglobin level and get your blood cells than the shape of a sickle and fall apart quickly (hemolysis). In the blood of people with sickle cell disease sees a lot of sickle red cells: the sickle cells . Hence the name: sickle cell disease or sickle cell anemia (anemia). Only by blood test (called Hb electrophoresis), one can find out whether you have sickle cell disease or carrier.


Sickle cell disease (SCD) is a heterogeneous disorder, with  Clinical manifestations including chronic haemolysis, an increased susceptibility to infections and vaso-occlusive  Complications often requiring medical care. Patients with SCD can develop specific and sometimes life-threatening  complications, as well as extensive organ damage reducing both their quality of life and their life expectancy. Proven effective treatment options for sickle cell patients are limited to hydroxyurea, blood transfusions and bone marrow transplantation. With the increasing prevalence of SCD in the Netherlands, a fundamental understanding of its pathophysiology and clinical syndromes is of importance for local medical practitioners.

Sickle cell disease (SCD) is clinically one of the most important haemoglobinopathies. It is characterised by haemolytic anaemia, an increased susceptibility to infections and vaso-occlusion that occurs in almost all vascular beds leading to ischaemic tissue injury with organ dysfunction and early death. Outcome is difficult to predict, and few effective therapeutics are available. The prevalence of SCD is on the rise in the Netherlands due to an increased immigration of people from Surinam, the Netherlands Antilles and African countries.1 A recent survey (with only a 30% response) covering more than 400 Dutch hospital departments where patients with aemoglobinopathies could be registered indicated a population of at least 450 SCD patients (PC Giordano, manuscript in preparation).

आपको सिकलसेल कैसे होता है

Sickle cell disease is a disease that your parents get. Daddy or Mommy must sickle little cells in their blood to pass to you. 

1. If mom and dad no sickle cell gently than there is no chance that you have it. This is called the doctors called AA type of blood. 

2. If only your mom or dad carrier is a 50% chance of 100% that you are a carrier. This is called the doctors called AS type of your blood. 

3. If Mom and Dad both have sickle cell disease then you have it.

Why does it have to be so a pain during a crisis?

As you already know, a sickle in the shape of a half moon. Great people say sometimes sickle shape. Your blood little cells are oxygen shortly. Your sickle cell gently be faster through your body broken and disappear from your body. remain fewer red blood cell little about, you then have enough blood in your body, the adults call this anemia. Actually it is good that your body is the sickle cell gently degrades because the sickle cell gently blocking the normal small cells. If this happens you will really bother your bones and it does really hurt. You can also have pain somewhere else, that could be because the blockages at several places in your leg or your arms and even your little toe! By The pain often can not breathe and you'll have more oxygen too short. Because you have so little oxygen, there will be a yellow color in your own eyes or on your skin, the doctors call it a fancy word "bilirubin "but you do not remember though!


हर्बल उपचार


believe in the power of nature and that nature has healing power. So most plants, vegetables and herbs are also used as medicines against diseases.This also applies to sickle cell anemia. Therefore it is good to eat healthy. Use meals rich in saccharine, nitrogen, iron, vitamin C, B12, D1 and fats. Useful all diet rich in vitamin B12 such as various livers, cheese, and all kinds of meat. Eat lots of products containing iron such as: pineapple, chestnut, spinach, lettuce, olives, parsley, prunes, honey, grapes, eggs, milk, fish, tajerblad, sopropo, antroewa, dagoeblad, bita wiri, clarion, purslane, ocher, many Ansje / eggplant.

02 October 2012

सोनिया का ईसाईयत की तरफ झुकाव.. ।


अधिक से अधिक शेयर करें, आपका एक शेयर ना जाने कितनों की आँखे खोल सकता है,

सोनिया का ईसाईयत की तरफ झुकाव.. ।

हम कुछ तथ्य पेश कर रहे हैं, और आप लोग भी सोचिये कि क्या ये इटालियन औरत सच में हिन्दुओ से नफरत करती है ??

1- सोनिया ने विसेंट जार्ज को अपना निजी सचिव बनाया है जो ईसाई है, विसेंट जार्ज के पास 1500 करोड़ की संपत्ति है 2001 में सीबीआई ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने का मामला दर्ज किया उस वक्त सीबीआई ने विसेंट के 14 बैंक खातों को सील करते हुए कड़ी करवाई करने के संकेत दिए थे फिर सोनिया के इशारे पर मामले को दबा दिया गया, महमने सीबीआई को विसेंट जार्ज के मामले में 4 मेल किए थे, जिसमें सिर्फ एक का जबाब आया कि जार्ज के पास अमेरिका और दुसरे देशो से पैसे के स्रोत का पता लगाने के लिए अनुरोध पत्र भेज दिया गया है.. वाह रे सीबीआई १० साल तक सिर्फ अनुरोध पत्र टाइप करने में लगा दिए |||
2 – सोनिया ने अहमद पटेल को अपना राजनीतिक सचिव बनाया है जो मुसलमान है और कट्टर सोच वाला मुसलमान है,
3 – सोनिया ने मनमोहन सिंह की मर्जी के खिलाफ पीजे थोमस को cvc बनाया जो ईसाई है.. और सिर्फ सोनिया की पसंद से cvc बने, जिसके लिए भारतीय इतिहास में पहली बार किसी प्रधानमंत्री को माफ़ी माँगनी पड़ी,
4 – मुसलमानों के लिए रोने वाली तथा आंतकवादीओ की मौत पर आंशु बहाने वाली सोनिया ने अपनी एकमात्र पुत्री प्रियंका गाँधी की शादी एक ईसाई राबर्ट बढेरा से की,
5 – अजित जोगी को छतीसगढ़ का मुख्यमंत्री सिर्फ उनके ईसाई होने के कारण बनाया गया जबकि उस वक़्त कई कांग्रेसी नेता दबी जबान से इसका विरोध कर रहे थे, अजित जोगी इतने काबिल मुख्यमंत्री साबित हुए की छतीसगढ़ में कांग्रेस का नामोनिशान मिटा दिया, अजित जोगी पर दिसम्बर 2003 से विधायकों को खरीदने का केस सीबीआई ने केस दर्ज किया है, सीबीआई ने पैसे
के स्रोत को भी खोज लिया तथा टेलीफोन पर अजित जोगी की आवाज की फोरेंसिक लैब ने प्रमाणित किया इतने सुबूतो के बावजूद सीबीआई ने आजतक सोनिया के इशारे पर चार्जशीट फाइल नहीं किया |
6 – जस्टिस, (हम नाम नहीं लिखेंगे क्योंकि ये शायद हमारी न्यायपालिका का अपमान होगा) को 3 जजों की बरिष्ठाता को दरकिनार करके सुप्रीम कोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया गया जो की एक परिवर्तित ईसाई थे,
7 – राजशेखर रेड्डी को आँध्रप्रदेश का मुख्यमंत्री बनने में उनका ईसाई होना और आँध्रप्रदेश में ईसाइयत को फ़ैलाने में उनका योगदान ही काम आया सोनिया ने उनको भी तमाम नेताओं को दरकिनार करने मुख्यमंत्री बना दिया |
8 – मधु कोड़ा भी निर्दलीय होते हुए अपने ईसाई होने के कारण कांग्रेस के समर्थन से झारखण्ड के मुख्यमंत्री बने |
9 – अभी केरल विधान सभा के चुनाव में कांग्रेस ने 92 % टिकट ईसाई और मुस्लिमों को दिया है |10 – जिस कांग्रेस में सोनिया की मर्जी के बिना कोई पैर नहीं हिला सकता वहीँ एक जानवर रुपी इंसान दिग्विजय सिंह किसके इशारे पर 10 सालों से हिन्दू विरोधी बयानबाजी करता आ रहा है ?

अब आप ही देखिए क्या ये इटली की औरत हमारे देश को ईसाईयत की और नहीं ले जा रही है ??

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जय हिन्द, वंदे मातरम |

SAMJHO SOCHO AUR JANO SACH

अकसर मुस्लिम और जाकिर नाईक सरीखे इस्लाम के प्रचारक... इस्लाम को सर्वश्रेष्ठ बताते नहीं थकते हैं..... और, अपने दढ़ियल मुल्लों तथा मदरसे के प्रभाव में आकर ... आम मुस्लिम भी ""कुँए के मेढक के समान ""खुद को ही सर्वश्रेष्ठ तथा अपने "कुरान को महान समझने लगता है""...!

जब हम लोग इस्लाम के बारे में कुछ भी लिखते हैं तो.... मुस्लिम आकर उस लेख पर एक बात बारम्बार कहते हैं कि... पहले आप कुरान पढ़ लो.. फिर बोलना... (यहाँ गौर करने लायक बात यह है कि.... मुस्लिम कभी भी दूसरे धर्म का धर्मग्रन्थ नहीं पढ़ते हैं)

लेकिन... जब उनकी बातों से सहमत होकर कुरान को पढ़ा तो... Confusion कम कम होने के बजाए बढ़ गया...!

वो जाकिर नाईक बोलता है कि.... अगर हमने ""गणेश को भगवन साबित कर दिया तो वो प्रसाद खा लेगा""..... परन्तु में बोलता हूँ कि.... अगर जाकिर नाईक समेत कोई भी मुस्लिम इस सवालों के जबाब दे देगा और मेरी CONFUSION दूर कर देगा... तो मैं .... इस्लाम ही कबूल कर लूँगा....!

है कोई माई का लाल ... जो मेरे सवालों का जबाब दे कर ... मुझे इस्लाम कबूल करने को बाध्य कर दे....???????????

1. क्या अल्लाह इतना शक्तिहीन है कि..... वो सीधे सीधे एक भी मुस्लिम बच्चा पैदा नहीं कर सकता है...???? (पैदा तो सारे हिन्दू ही होते हैं... जिसे बाद में खतना कर मुसलमान बनाया जाता है)

2. इस्लाम के मुताबिक यदि 3 दिन/माह का बच्चा मर जाये तो उसको कयामत के दिन क्या मिलेगा......... जन्नत या जहन्नुम ?????

3. मरने के बाद जन्नत में पुरुष को 72 हूरी (अप्सराए) मिलेगी...तो स्त्री को क्या मिलेगा...... 72 हूरा (पुरुष वेश्या) .......???????
उसमे भी वो बिना शादी के मरे तो ......??????????

4. जिहाद का अर्थ क्या है ................. आतंकवाद.....????????

5. बिन्मुस्लिम (काफ़िर) यदि अच्छे गुणों वाला हो तो भी.......... क्या अल्लाह उसको जहन्नुम की आग में झोक देगा....???? और क्यों ?
सिर्फ मूर्तिपूजा ही उसका गुनाह है.....?????
और, अगर ऐसा करेगा तो.... क्या ये अन्याय नहीं हुआ ???????
क्योंकि... कुरान के अनुसार .....खुद अल्लाह ने ही तो उसके दिल पे मुहर लगा दी है ...फिर अल्लाह को क्या हक़ है उसको जहन्नुम में डालने का ??????

6. मुहम्मद ने 9 साल की बच्ची आयशा से बलात्कार क्यों किया ....?????
वो भी 53 साल की उम्र में ??????
जैसे मुहम्मद ने ZAYD IBN को दत्तक लिया था....वैसे ही आयशा को भी तो.. दत्तक ले सकते थे ???
शादी कर के PEDOPHILE बनाने की क्या आवश्यकता थी ??????

7. अगर अल्लाह की कोई इमेज (छवि) नहीं है तो........उसने मुहम्मद या जिब्राइल से बात कैसे की ...??????
मुहम्मद और जिब्राइल ने अल्लाह को कैसे देखा ???????

8. इस्लाम या कुरान ने दुनिया को ऐसा क्या नया दिया है जो उससे पहले के धर्मो / पुस्तकों में नहीं था ...????
इस्लाम में ऐसा क्या नया है..... जो HINDUISM में नहीं है ???????????

9. मुहम्मद से भी अच्छे गुण वाले लोग दुनिया में हो गए है .....तो फिर भी लोगो को मुहम्मद पर ही क्यों यकीन करना चाहिए..?????
आखिर उस लुटेरे मुहम्मद में ऐसा कौन सा ख़ास गुण है जो बाकियों में नहीं है ........??????

10. दुनिया में कोई गरीब है तो...कोई अमीर , कोई बीमार है ... तो कोई तंदुरस्त ..!
कोई जन्म से अँधा, लूला, बहरा है...... ऐसा क्यों.....???
अल्लाह ने उसको ऐसा क्यों पैदा किया ????
यदि कोई बच्चा बचपन में ही कोमा में चला जाये तो.. क्या ये उसके साथ अन्याय नहीं है ????????
उसकी क्या गलती थी जो अल्लाह ने बचपन में ही उसको ये सजा दी...??????????

(क्योंकि इस्लाम में पुनर्जन्म की मान्यता नहीं है... इसीलिए मुस्लिम उसे पूर्वजन्म का पाप भी नहीं कह सकते हैं)
11. मुस्लिम मूर्ति पूजा में नहीं मानते तो मक्का के काले पत्थर (शिवलिंग) के सामने क्यों ज़ुकते है ? देखा जाए तो वो भी एक पत्थर (मूर्ति) ही है

12. अगर इस्लाम में 4 पत्निया जायज़ है ....तो मोहम्मद की 19 बीबियाँ क्यों थी ...????

आखिर अल्लाह ने मोहम्मद को ही ऐसा हक़ क्यों दिया था ....कि... वो जितनी चाहे ...जिसको चाहे.... अपनी पत्नी बना सकता था ?

13. कुरान में 1000 से भी ज्यादा आयते आतंकवाद /नाजायज़ सेक्स के बारे में बताती है ...फिर मुसलमान इस्लाम छोड़ क्यों नहीं देते ...?????
कहीं इअसा तो नहीं कि.... अल्लाह ने उनके दिलों पर भी आतंकवाद की मोहर लगा दी है....??????

14. यदि किसी गाव में रहने वाले हिन्दू/ईसाई के पास इस्लाम का सन्देश पहुंचा ही ना हो ...और, वो मर जाए तो भी अल्लाह उसको जहन्नुम में डालेगा ... क्योंकि वो इस्लाम को नहीं मानता है...?????
आखिर.... वो अल्लाह बार बार ऐसी नाइंसाफ़ी क्यों करता है....??????

15. आखिर मुस्लिम औरतों ने ऐसा क्या पाप कर दिया है कि..... चाहे वो कुछ भी कर ले..... अल्लाह उनको जहन्नुम में ही डालेगा....????

16. मुस्लिम औरतों को.... अपने अल्लाह के इबादत की आजादी (मस्जिद में जाने की) क्यों नहीं है....????

18. अगर इस्लाम में बुत पूजा हराम है तो...... मुस्लिम काबा में काले पत्थर की पूजा क्यों करते हैं....... क्या ये मुस्लिमों का दोगलापन नहीं है....???

#### जाकिर नाईक समेत सभी मुल्लों और मुसलमानों से अपील की जाती है कि..... वे इन सवालों के तर्कसंगत उत्तर दें...... और, दुनिया को इस्लामी नजरिये के बारे में.... अवगत कराएँ....

अगर...... वे ऐसा नहीं कर पाए तो...... यही माना जायेगा कि..... इस्लाम ढोंग और आडम्बर से परिपूर्ण एक संप्रदाय है.. जो लोगों को बेवकूफ बना कर अपना काम चला रहा है...!

जय महाकाल...!!!

क्या जिनका प्रचार होता है वे ही देशभक्त होते हैं?


क्या जिनका प्रचार होता है वे ही देशभक्त होते हैं ?
मेरी अस्थियाँ तब तक प्रवाहित मत करना जब तक
सिन्धु नदी भारत के ध्वज तले न बहे |
इस बात को तो मैं बिना छिपाए कहता हूँ कि मैं

गांधी जी के सिद्धांतों के विरोधी प्रचार कर रहा हूँ | मेरा यह पूरा विश्वास रहा है कि अहिंसा का अत्यधिक प्रचार
हिन्दू को अत्यधिक निर्बल बना देगा | अंत में यह
हिन्दू धर्म ऐसा भी नहीं रहेगा कि वह
दूसरी जातियों से, विशेषकर

मुसलमानों के अत्याचारों के प्रतिशोध कर सके | मैं गांधी के अहिंसा सिद्धांतों का उतना विरोधी नहीं जितना उनके मुस्लिम प्रेम का | उनके कार्यों से हिन्दू धर्म
की अत्यधिक हानि हो रही थी,
32 वर्षों से महात्मा गांधी मुसलमानों के पक्ष में
जो कार्य कर रहे थे, और अंत में उन्होंने पाकिस्तान को 55 करोड़ रुपये दिलाने के लिए अनशन करने का निश्चय किया | तब मैंने भी सोच लिया कि गांधी को समाप्त कर देना चाहिए | 

मुझे मौत से डर नहीं लेकिन भारत माता के लिए बिना कुछ किये मर जाऊं तो मेरे लिए असहनीय था | 

शहीद श्री नाथुराम गौडसे

(19 मई 1910 - 15 नवम्वर 1949 )

तिरुपति वेन्कटेशवर मन्दिर


तिरुपति वेन्कटेशवर मन्दिर तिरुपति मे स्थित एक प्रसिद्ध हिन्दू मन्दिर है जो की भारत के सबसे प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में से एक है। यह आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित है।

इस मंदिर के विषय में एक अनुश्रुति इस प्रकार से है। प्रभु वेंकटेश्वर या बालाजी को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि प्रभु विष्णु ने कुछ समय के लिए स्वामी पुष्करणी नामक तालाब के किनारे निवास किया था। यह तालाब तिरुमाला के पास स्थित है। तिरुमाला- तिरुपति के चारों ओर स्थित पहाड़ियाँ, शेषनाग के सात फनों के आधार पर बनीं 'सप्तगिरी' कहलाती हैं। श्री वेंकटेश्वरैया का यह मंदिर सप्तगिरि की सातवीं पहाड़ी पर स्थित है, जो वेंकटाद्री नाम से प्रसिद्ध है।

वहीं एक दूसरी अनुश्रुति के अनुसार, 11वीं शताब्दी में संत रामानुज ने तिरुपति की इस सातवीं पहाड़ी पर चढ़ाई की थी। प्रभु श्रीनिवास (वेंकटेश्वर का दूसरा नाम) उनके समक्ष प्रकट हुए और उन्हें आशीर्वाद दिया। ऐसा माना जाता है कि प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त करने के पश्चात वे 120 वर्ष की आयु तक जीवित रहे और जगह-जगह घूमकर वेंकटेश्वर
भगवान की ख्याति फैलाई।

वैकुंठ एकादशी के अवसर पर लोग यहाँ पर प्रभु के दर्शन के लिए आते हैं, जहाँ पर आने के पश्चात उनके सभी पाप धुल जाते हैं। मान्यता है कि यहाँ आने के पश्चात व्यक्ति को जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्ति मिल जाती है।

यहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सबसे बड़ी इच्छा भगवान वैंकटेश्वर के दर्शन करने की होती है। भक्तों की लंबी कतारें देखकर सहज की इस मंदिर की प्रसिद्धि का अनुमान लगाया जाता है। मुख्य मंदिर के अलावा यहां अन्य मंदिर भी हैं। तिरुमला और तिरुपति का भक्तिमय वातावरण मन को श्रद्धा और आस्था से भर देता है।

"" जानिये गांधीजी की सेक्स लाइफ ""



क्या राष्ट्रपिता मोहनदास कर्मचंद गांधी असामान्य सेक्स बीहैवियर वाले अर्द्ध-दमित सेक्स मैनियॉक थे?

जी हां, महात्मा गांधी के सेक्स-जीवन को केंद्र बनाकर लिखी गई किताब “गांधीः नैक्ड ऐंबिशन” में एक ब्रिटिश प्रधानमंत्री के हवाले से ऐसा ही कहा गया है। महात्मा गांधी पर लिखी किताब आते ही विवाद के केंद्र में आ गई है जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में उसकी मांग बढ़ गई है। मशहूर ब्रिटिश इतिहासकार जैड ऐडम्स ने पंद्रह साल के अध्ययन और शोध के बाद “गांधीः नैक्ड ऐंबिशन” को किताब का रूप दिया है।

संत की तरह उभरते हैं। अब तक बापू की छवि गोल फ्रेम का चश्मा पहने लंगोटधारी बुजुर्ग की रही है जो दो युवा-स्त्रियों को लाठी के रूप में सहारे के लिए इस्तेमाल करता हुआ चलता-फिरता है। आख़िरी क्षण तक गांधी ऐसे ही राजसी माहौल में रहे। मगर किसी ने उन पर उंगली नहीं उठाई। ऐसे में इस किताब में लिखी बाते लोगों ख़ासकर, गांधीभक्तों को शायद ही हजम हों। दुनिया के लिए गांधी भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के आध्यात्मिक नेता हैं। वह अहिंसा के प्रणेता और भारत के राष्ट्रपिता भी हैं। जो दुनिया को सविनय अवज्ञा और अहिंसा की राह पर चलने की प्रेरणा देता है। कहना न होगा कि दुबली काया वाले उस पुतले ने दुनिया के कोने-कोने में मानव अधिकार आंदोलनों को ऊर्जा दी, उन्हें प्रेरित किया।

नई किताब यह खुलासा करती है कि गांधी उन युवा महिलाओं के साथ ख़ुद को संतप्त किया जो उनकी पूजा करती थीं और अकसर उनके साथ बिस्तर शेयर करती थीं। बहरहाल, ऐडम्स का दावा है कि लंदन से क़ानून की पढ़ाई करने के बाद वकील से गुरु बने गांधी की इमैज कठोर नेता की बनी जो अपने अनोखी सेक्सुअल डिमांड से अनुयायियों को वशीभूत कर लेता है।आमतौर पर लोग के लिए यह आचरण असहज हो सकता है पर गांधी के लिए सामान्य था। ऐडम्स ने किताब में लिखा है कि गांधी ने अपने आश्रमों में इतना कठोर अनुशासन बनाया था कि उनकी छवि 20वीं सदी के धर्मवादी नेताओं जैम्स वॉरेन जोन्स और डेविड कोरेश की तरह बन गई जो अपनी सम्मोहक सेक्स अपील से अनुयायियों को क़रीब-क़रीब ज्यों का त्यों वश में कर लेते थे। ब्रिटिश हिस्टोरियन के मुताबिक महात्मा गांधी सेक्स के बारे लिखना या बातें करना बेहद पसंद करते थे। किताब के मुताबिक हालांकि अन्य उच्चाकाक्षी पुरुषों की तरह गांधी कामुक भी थे और सेक्स से जुड़े तत्थों के बारे में आमतौर पर खुल कर लिखते थे। अपनी इच्छा को दमित करने के लिए ही उन्होंने कठोर परिश्रम का अनोखा स्वाभाव अपनाया जो कई लोगों को स्वीकार नहीं हो सकता।


किताब की शुरुआत ही गांधी की उस स्वीकारोक्ति से हुई है जिसमें गांधी ख़ुद लिखा या कहा करते थे कि उनके अंदर सेक्स-ऑब्सेशन का बीजारोपण किशोरावस्था में हुआ और वह बहुत कामुक हो गए थे। 13 साल की उम्र में 12 साल की कस्तूरबा से विवाह होने के बाद गांधी अकसर बेडरूम में होते थे। यहां तक कि उनके पिता कर्मचंद उर्फ कबा गांधी जब मृत्यु-शैया पर पड़े मौत से जूझ रहे थे उस समय किशोर मोहनदास पत्नी कस्तूरबा के साथ अपने बेडरूम में सेक्स का आनंद ले रहे थे।

किताब में कहा गया है कि विभाजन के दौरान नेहरू गांधी को अप्राकृतिक और असामान्य आदत वाला इंसान मानने लगे थे। सीनियर लीडर जेबी कृपलानी और वल्लभभाई पटेल ने गांधी के कामुक व्यवहार के चलते ही उनसे दूरी बना ली। यहां तक कि उनके परिवार के सदस्य और अन्य राजनीतिक साथी भी इससे ख़फ़ा थे। कई लोगों ने गांधी के प्रयोगों के चलते आश्रम छोड़ दिया। ऐडम ने गांधी और उनके क़रीबी लोगों के कथनों का हवाला देकर बापू को अत्यधिक कामुक साबित करने का पूरा प्रयास किया है। किताब में पंचगनी में ब्रह्मचर्य का प्रयोग का भी वर्णन किया है, जहां गांधी की सहयोगी सुशीला नायर गांधी के साथ निर्वस्त्र होकर सोती थीं और उनके साथ निर्वस्त्र होकर नहाती भी थीं। किताब में गांधी के ही वक्तव्य को उद्धरित किया गया है। मसलन इस बारे में गांधी ने ख़ुद लिखा है, “नहाते समय जब सुशीला निर्वस्त्र मेरे सामने होती है तो मेरी आंखें कसकर बंद हो जाती हैं। मुझे कुछ भी नज़र नहीं आता। मुझे बस केवल साबुन लगाने की आहट सुनाई देती है। मुझे कतई पता नहीं चलता कि कब वह पूरी तरह से नग्न हो गई है और कब वह सिर्फ अंतःवस्त्र पहनी होती है।”


किताब के ही मुताबिक जब बंगाल में दंगे हो रहे थे गांधी ने 18 साल की मनु को बुलाया और कहा “अगर तुम साथ नहीं होती तो मुस्लिम चरमपंथी हमारा क़त्ल कर देते। आओ आज से हम दोनों निर्वस्त्र होकर एक दूसरे के साथ सोएं और अपने शुद्ध होने और ब्रह्मचर्य का परीक्षण करें।” ऐडम का दावा है कि गांधी के साथ सोने वाली सुशीला, मनु और आभा ने गांधी के साथ शारीरिक संबंधों के बारे हमेशा अस्पष्ट बात कही। जब भी पूछा गया तब केवल यही कहा कि वह ब्रह्मचर्य के प्रयोग के सिद्धांतों का अभिन्न अंग है।

ऐडम्स के मुताबिक गांधी अपने लिए महात्मा संबोधन पसंद नहीं करते थे और वह अपने आध्यात्मिक कार्य में मशगूल रहे। गांधी की मृत्यु के बाद लंबे समय तक सेक्स को लेकर उनके प्रयोगों पर लीपापोती की जाती रही। हत्या के बाद गांधी को महिमामंडित करने और राष्ट्रपिता बनाने के लिए उन दस्तावेजों, तथ्यों और सबूतों को नष्ट कर दिया, जिनसे साबित किया जा सकता था कि संत गांधी दरअसल सेक्स मैनियैक थे। कांग्रेस भी स्वार्थों के लिए अब तक गांधी और उनके सेक्स-एक्सपेरिमेंट से जुड़े सच को छुपाती रही है। गांधीजी की हत्या के बाद मनु को मुंह बंद रखने की सलाह दी गई। सुशीला भी इस मसले पर हमेशा चुप ही रहीं।

किताब में ऐडम्स दावा करते हैं कि सेक्स के जरिए गांधी अपने को आध्यात्मिक रूप से शुद्ध और परिष्कृत करने की कोशिशों में लगे रहे। नवविवाहित जोड़ों को अलग-अलग सोकर ब्रह्मचर्य का उपदेश देते थे। ऐडम्स के अनुसार सुशीला नायर, मनु और आभा के अलावा बड़ी तादाद में महिलाएं गांधी के क़रीब आईं। कुछ उनकी बेहद ख़ास बन गईं। बंगाली परिवार की विद्वान और ख़ूबसूरत महिला सरलादेवी चौधरी से गांधी का संबंध जगज़ाहिर है। हालांकि गांधी केवल यही कहते रहे कि सरलादेवी उनकी “आध्यात्मिक पत्नी” हैं। गांधी जी डेनमार्क मिशनरी की महिला इस्टर फाइरिंग को प्रेमपत्र लिखते थे। इस्टर जब आश्रम में आती तो बाकी लोगों को जलन होती क्योंकि गांधी उनसे एकांत में बातचीत करते थे। किताब में ब्रिटिश एडमिरल की बेटी मैडलीन स्लैड से गांधी के मधुर रिश्ते का जिक्र किया गया है जो हिंदुस्तान में आकर रहने लगीं और गांधी ने उन्हें मीराबेन का नाम दिया।


ऐडम्स ने कहा है कि नब्बे के दशक में उसे अपनी किताब “द डाइनैस्टी” लिखते समय गांधी और नेहरू के रिश्ते के बारे में काफी कुछ जानने को मिला। इसके बाद लेखक की तमन्ना थी कि वह गांधी के जीवन को अन्य लोगों के नजरिए से किताब के जरिए उकेरे। यह किताब उसी कोशिश का नतीजा है। जैड दावा करते हैं कि उन्होंने ख़ुद गांधी और उन्हें बेहद क़रीब से जानने वालों की महात्मा के बारे में लिखे गए किताबों और अन्य दस्तावेजों का गहन अध्ययन और शोध किया है। उनके विचारों का जानने के लिए कई साल तक शोध किया। उसके बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचे।


इस बारे में ऐडम्स ने स्वीकार किया है कि यह किताब विवाद से घिरेगी। उन्होंने कहा, “मैं जानता हूं इस एक किताब को पढ़कर भारत के लोग मुझसे नाराज़ हो सकते हैं लेकिन जब मेरी किताब का लंदन विश्वविद्यालय में विमोचन हुआ तो तमाम भारतीय छात्रों ने मेरे प्रयास की सराहना की, मुझे बधाई दी।” 288 पेज की करीब आठ सौ रुपए मूल्य की यह किताब जल्द ही भारतीय बाज़ार में उपलब्ध होगी। 'गांधीः नैक्ड ऐंबिशन' का लंदन यूनिवर्सिटी में विमोचन हो चुका है। किताब में गांधी की जीवन की तक़रीबन हर अहम घटना को समाहित करने की कोशिश की गई है। जैड ऐडम्स ने गांधी के महाव्यक्तित्व को महिमामंडित करने की पूरी कोशिश की है। हालांकि उनके सेक्स-जीवन की इस तरह व्याख्या की है कि गांधीवादियों और कांग्रेसियों को इस पर सख़्त ऐतराज़ हो सकता है।
लेखक हरिगोविंद विश्वकर्मा वरिष्ठ पत्रकार हैं. इस लेख का स्रोत ब्रिटिश अख़बारों में “ गांधी नैक्ड ऐंबिशन ” के छपे रिव्यू और रिपोर्ट्स है .

हीमोग्लोबीन की कमी का उपचार / Low Hemoglobin Food and Diet


Hemoglobin is measured in grams per deciliter of blood. The normal levels are:
  • Women: 12.1 to 15.1 gm/dl
  • Men: 13.8 to 17.2 gm/dl
  • Children: 11 to 16 g/dl
  • Pregnant women: 11 to 12 g/dl

A liberal intake of iron rich foods will immediately check iron deficiency anemia. Initially, to make up for the deficit, iron supplements are advised. But gradually, taper the dependence. Good sources of iron are- whole wheat, brown rice, green leafy vegetable spinach (हरी पत्तेदार पलक), broccoli (हरी गोभी). Cabbage, fenugreek (मेथी), lettuce), beet (चुकंदर), cherries, tomatoes, dates (खजूर), figs (अंजीर).


Consumption of iron alone will not help.
  • The low hemoglobin diet must also comprise of adequate protein. Milk and its products, egg, organ meat and soy are the best sources.
  • When taking iron foods/ a supplement, always take vitamin C alongside. This facilitates the absorption of iron.
  • Vitamin B should also be taken liberally for increasing hemoglobin level. Sources – whole cereals, fruits and vegetables and milk.
  • Beet is the ideal food, which stimulates haemoglobin production. It regenerates RBC production and speedily fights the symptoms of anemia.
  • Anulom-vilom, a breathing technique (PRANAYAMA), should be done, religiously everyday. It purifies the body; throwing out toxins, improve body’s resistance and helps in normal vesicular breathing.
  • Eat food containing iron.
  • Eat green leafy vegetables such as spinach, broccoli, collards, etc.
  • Green peas and other varieties of peas.
  • Liver, chicken, turkey.
  • Egg, organ meat beef and lamb.
  • Iron fortified cereals and brown rice.
  • Iron supplements in tablets and capsules.
  • If you are taking supplementary iron, orange juice helps it to absorb effectively.
  • A healthy diet is one of the best ways to boost the levels of hemoglobin in the blood. Alternatively use of iron and folic acid supplements would also prove beneficial. However, the use of supplements is often associated with side effects like constipation. Here are some of the dietary measures to boost your hemoglobin levels.
  • Include green leafy vegetables in your daily diet. Spinach, Broccoli, Mustard greens, Arugula,Dandelion Greens, Collard
  • Greens,Romaine Lettuce,Swiss Chard, etc are great sources of vitamin A, C, K, folate, calcium and iron. They are also rich in fiber which is essential to alleviate symptoms like constipation in elderly. These foods are packed with antioxidants that prevent the occurrence of conditions like cancers and cardiovascular disorders
  • Apricots, dates, raisins, Cashew nuts, figs, soy, sesame seeds, etc are also rich sources of iron.
  • Wheat germ, Wheat flakes, oat bran should form an integral part of your diet. Malt bread, Whole grain bread and cereals are packed with iron and folic acid which is essential to boost the levels of hemoglobin in your blood.


Symptoms of Anemic Person


An anemic person, is usually pale, has dull-tired eyes, feels dizzy and faints, lacks energy and is breathless, when he slightly exerts himself.

  • Fatigue. 
  • Dizziness. 
  • Breathing difficulty. 
  • Skin looks pale. 
  • Chest pain. 
  • Rapid heart rate. 
  • Feet and hands feel cold. 
  • Depression.

    Causes of Anemia

  • Iron deficiency in children, adult, pregnant women and lactating women.
  • Lack of dietary iron 
  • Lack of absorption of iron in the intestine due to intestinal parasite. 
  • Depletion of iron due to hemorrhage. 
  • Heavy menstruation. 
  • Defect and destruction of red blood cells such as sickle cell anemia, blood cancer etc. 
  • Fibroid 
  • Prostate cancer. 
  • Bleeding piles. 
  • Gastric ulcer. 
  • Polyps in the colon. 
  • Chronic kidney disease. 
  • Worms are also known to cause anemia. 
  • How is your bowel movement? Are there any irregularities?
उपचार विधि

11 प्रभावी उपाय Low Hemoglobin के लिए 

घरेलू उपाय
Simple changes in everyday routine life, eating habits, and following the tips mentioned here can be very beneficial.

Blackstrap Molasses:  गुड बनने से एक पहले का चरण
Rich in vitamin B, iron, magnesium, copper, potassium, and many other vital nutrients and minerals are found aplenty in blackstrap molasses. It has been suggested since ages to improve the low hemoglobin levels in the red blood cells.
Use blackstrap molasses in cooking. Or dip pancakes in it.

Beetroot: चुकंदर
Beetroots energizes a tired body by providing vitamin B, magnesium, vitamin C, phosphorus, potassium, iron, calcium, folic acids, proteins, and many other minerals and nutrients.

Eat beetroot raw as salad, or use it in cooking delicious and nutritious dishes.

Spinach: पालक
Magnesium, potassium, phosphorus, calcium, folic acid, iron, vitamin A, B, C, and E, zinc, proteins, and omega 3 fatty acids besides many other nutritional values. It fights anemia and increases the hemoglobin levels.
Drink spinach juice. Eat it as raw salad, or include it in cooking.


Legumes:  फली
Legumes provide energy to the body, fights weakness, improves memory, increases muscle tone, and aids in brain functioning. The many minerals, and nutrients and rich vitamins essential for adequate hemoglobin levels in red blood cells is provided by legumes. High in proteins, B complex vitamins, etc are very beneficial in treating the condition.

Include legumes in your daily cooking.

Nuts: बीज

Cashew nuts, peanuts, almonds, raisins, walnuts, cedar nut, pistachio, etc are some of the nuts that can treat the condition efficiently because of the high levels of protein, vitamins, and nutrients found in them. Vitamins A, B, C, E, iron, calcium, protein, amino acids, folic acids, magnesium, potassium, calcium, etc are found in abundance in these nuts.

Eat nuts everyday in between meals. Or add them to your cuisines.

Milk And Cheese:

Dairy products like milk, cheese, tofu, paneer, etc are a good source of high protein, and provide the weak body with energy and vitamins, nutrients, and minerals. It helps fight the fatigue, muscle weakness, and calcium deficiency. 

Drink milk twice a day. Include cheese, tofu, paneer in your cooking. Avoid it if you are allergic to lactose.



Eggs:

Eggs are a great source of proteins, iron, and numerous other essential vitamins, amino acids, and minerals. It fuels the body with energy, prevents headache, hair loss, treats numbness and other symptoms associated with anemia.

Eat an egg everyday. Boiled, fried, or in any other way include it in your daily food.

Liver:

Beef liver in particular is highly recommended for treating anemia. It reduces any deficiency in the body, is rich in iron and vitamin B, improves brain functioning and saves memory loss. The nutrients present in beef liver help prevent dizziness, tiredness, low levels of hemoglobin in the red blood cells and treats all the associated symptoms. 

Eat beef liver.

Meat:

Low fat meat improves cardiovascular health, energizes the body, has highest amount of iron, and is good for treating the general discomfort. It is better to go for dark colored meat, as it has more amount of iron. Do not eat high fat meat though.

Eat meat at least once a week.

Chicken:

Chicken provides vitamin B which is very essential for addressing the condition appropriately. Increases immunity, improves bone health, aids in normal functioning of nervous system, and overall health.

Include chicken in your food.

Prunes:  मुनक्का
An excellent way to treat anemia, improve body’s vitality, aids in red blood cells production, enhances blood circulation, and aids in addressing the situation properly. Riboflavins, vitamin A, B, C, iron, proteins, calcium, potassium, phosphorus etc are very beneficial in overall health.

Eat prunes in between meals. Or drink a glass of prune juice.

These low hemoglobin treatment tips at home can address the problem of anemia efficiently. In addition, oysters, bran flakes, chickpeas, green peas, kidney beans, etc should also be included in daily food. Apart from all this, include a happy and healthy lifestyle, stay away from alcohol, avoid tobacco, work out regularly, and eat fruits, leafy greens and vegetables each day.

The best way of treating this condition of anemia is by increasing one's supply of iron in the diet. This iron builds up the level of hemoglobin in the blood, and thus aids the cause. Needless to say, the dosage of iron should be administered after consulting with a medical expert only. He will prescribe a certain dose and will also tell you the best time of day to take the dosage. Excessive iron in your diet can also have adverse effects, so you need to be careful.

In some cases, a certain medication may be interfering in the production of hemoglobin or red blood cells. This medication needs to be pinpointed, and its consumption needs to be stopped. This is a long process though, and one that is based on trial and error more than anything else. Some people require low hemoglobin treatment because of the presence of a stomach ulcer or a colon cancer in their bodies. These conditions cause the unnatural loss of red blood cells in the body, and they need to be treated before any further treatment can be administered in order to get the body up to normal hemoglobin levels.

In extremely severe cases, an immediate blood transfusion will be the only answer. Any major blood loss could lead to the onset of this condition and a lack of oxygen to the body, and this must be dealt with accordingly. Some women have to deal with unnaturally large amounts of blood loss during their menstrual cycles, and this can also be treated with the help of certain prescribed medications. People administering certain home remedies for low hemoglobin should only do so after consultation with a doctor. Along with anemia, there are various other blood disorders to look out for as well.

The threat of low hemoglobin is a very real one, and it can cause major complications in one's body. The importance of these treatments should be not underestimated, and one should get to know how to increase hemoglobin levels and act as fast as possible in order to control this potentially fatal condition.

प्राकृतिक रूप से हीमोग्लोबीन बढ़ाने के उपाय

1. Chitosan


Did you know the humble shrimp could be your ticket to increased hemoglobin levels? Not only that, but clinical studies have proven “throwing another shrimp on the barbie” will lower urea and cholesterol levels, and help lose excess fat!

Chitosan is structurally similar to cellulose (a complex carbohydrate found in plants), which consists of glucose molecules connected to one another. This substance is mainly found within the exoskeleton of shrimp, crab, prawns and other shellfish, but is best taken as a supplement.


2. Nutrient supplementation: 


Iron, Vitamin B6, Vitamin B12, Folic Acid (aka Vitamin B9), & Vitamin C Nutrition is important, all biological process that occur within the body require specific nutrients to carry out each individual process, therefore a lack of a certain nutrients will either slow down that process (e.g. hemoglobin production), or shut it down all together. For the production of hemoglobin there are 10’s of nutrients to aid the production, however, there are a small select few that are required above all others, those being: Iron, Vitamin B6, Vitamin B12, Folic Acid (aka Folate, Vitamin B9), and Vitamin C.


नीचे लिखे अनुशार मात्र में प्रतिदिन सेवन करे
Iron: 20mg a day 
Vitamin B6: 50mg a day
Vitamin B12: 1500mcg (micrograms) a day
Folic Acid: 500mcg (micrograms) a day
Vitamin C: 1000mg a day


3. भोजन औसधि कि तरह

Supplementation is fantastic, but sometimes you just don’t want to be swallowing pills all the time. Here are the richest food sources of the aforementioned nutrients.

Iron: 

Oysters, mussels, enriched cereals, molasses, green leafy vegetables, tomato paste, dhal, dried apricots (Red meats and liver may have high iron, but they are not recommend – they bad for kidney disease)

Vitamin B6: 

Muesli, whole grains, fortified cereals, liver, tuna, sunflower seeds, lentils, kidney beans, avocado, peas, nuts, banana

Vitamin B12: 

Poultry, crustaceans, fish, fortified cereals, eggs, soymilk, molluscs

Folic Acid: 

spinach, beans, asparagus, peas, lentils, turnip greens, organ meats, orange, cantaloupe, pineapple, grapefruit, banana, raspberry, strawberry, corn, tomatoes, beets, broccoli, brussels sprouts, bok choy, baker’s yeast, sunflower seeds.

Vitamin C: 

Guava, red capsicum, brussel sprouts, citrus juice concentrate, papayas, kiwi fruit, blackcurrants, mango, cabbage, broccoli, strawberries, lychees, oranges, sprouts


4. Herbs जड़ी बूटिया

Herbal medicine also offers a number of solutions on how to increase hemoglobin levels. Three herbs in particular I have found to be of most benefit are: Withania, Dong Quai, Nettle leaf 

Withania (also known as ashwagandha)

has its origins in India where is has been used for thousands of years. Withania is a fantastic herb, it improves the health of red blood cells, and also benefits the body by enhancing energy production, decreasing inflammation, calming the nervous system, and being a tonic for the entire body. 

Dong Quai: (Chinese Angelica ) 

is also another herb that is steeped with tradition, but this time from China. For centuries mothers from China have been using the root of Dong Qaui in soups to help their themselves, and their daughters, to increase production of red blood cells during their menstrual cycle. 

Nettle Leaf तेज पत्ता 
: 

I see Nettle leaf almost like natures multi-vitamin and mineral supplement. It has high amounts of iron, and also vitamin C, vitamin D, vitamin B’s, vitamin E, vitamin K, calcium, magnesium, potassium, selenium, zinc, and more. 

Nettle leaf is not to be confused with Nettle root as this is to help prostate enlargement.



5. Fenugreek seeds (मेथी)

I personally love the type of little tip that I am about to mention, because they work, and because they’re so simple that they just seem too good to be true.


01 October 2012

MOST IMPORTANT VASTU TIPS


घर, एक ऐसी जगह होती है जहां हम खुलकर सांस लेना चाहते हैं। जहां मीठी-सी नींद पलक झपकते ही आ जाए। जहां कभी पूरे परिवार के साथ हंसी की खिलखिलाहट सुनाई दे तो कभी कोई कोना हमारे एकांत का साथी बने। इसी घर में जब कलह और तनाव मेहमान बनते हैं तो सारे घर की शांति चली जाती है। हमें नहीं पता होता है कि ऐसा क्यों होता है?क्यों छोटी-छोटी बातों पर हम अपने ही परिवार से झगड़ बैठते हैं? वास्तु शास्त्र बताता है 

मकान बनाते समय उपरोक्त पंच तत्वों के लिए जो प्रकृति जन्य दिशाएँ निर्धारित हैं, उन्हीं के अनुरूप दिशाओं में कक्षों का निर्माण किया जाना चाहिए। नए भवन के निर्माण कराते समय आप अपने शहर के किसी अच्छे वास्तु के जानकार से सलाह अवश्य लें। वास्तु का प्रभाव भवन के रहने वाले व्यक्तियों पर अवश्य पढ़ता है।

परंतु इसके साथ-साथ व्यक्ति विशेष के ग्रह योग भी वास्तु के प्रभाव को घटाते-बढ़ाते हैं। हो सकता है कि एक व्यक्ति को कोई विशेष स्थान तकलीफ न दे पर वही स्थान दूसरे व्यक्ति को अत्यंत तकलीफदायक हो। ‑

भवन के दरवाजे अपने आप खुलने या अपने आप बंद न होते हों यह भी ध्यान रखना चाहिए। दरवाजों को खोलने या बंद करते समय आवाज होना अशुभ माना गया है। ‑भवन में सीढ़ियाँ वास्तु नियम के अनुरूप बनानी चाहिए, सीढ़ियाँ विषम संख्या (5,7, 9) में होनी चाहिए।

आधुनिक परिप्रेक्ष्य में पृथ्वी, जल, तेज, वायु, आकाश, पंच तत्व को अपने भवन के अधीन बनाना ही सच्चे अर्थों में वास्तु शास्त्र का रहस्य होता है। नए भवन निर्माण के समय कुछ मुख्य बातों पर ध्यान अवश्य दें : ‑

1. जो प्लॉट त्रिकोण आकार का हो, उस पर निर्माण कराना हानिकारक होता है।
2. ‑भवन निर्माण कार्य शुरू करने के पहले अपने आदरणीय विद्वान पंडित से शुभ मुहूर्त निकलवा लेना चाहिए।
3. ‑भवन निर्माण में शिलान्यास के समय ध्रुव तारे का स्मरण करके नींव रखें। संध्या काल और मध्य रात्रि में नींव न रखें।
4. ‑नए भवन निर्माण में ईंट, पत्थर, मिट्टी ओर लकड़ी नई ही उपयोग करना। एक मकान की निकली सामग्री नए मकान में लगाना हानिकारक होता है।
5. ‑भवन का मुख्य द्वार सिर्फ एक होना चाहिए तो उत्तर मुखी सर्वश्रेष्ठ एवं पूर्व मुखी भी अच्छा होता है। मुख्य द्वार की चौखट चार लकड़ी की एवं दरवाजा दो पल्लों का होना चाहिए।

आपको लगता है कि आपसे कोई ईर्ष्या करता है। आपके कई दुश्मन हो गए हैं। हमेशा असुरक्षा व भय के माहौल में जी रहे हैं। तो मकान की दक्षिण दिशा में अगर कोई जल का स्थान हो, तो उसे वहां से हटा दें।

इसके साथ ही एक लाल रंग की मोमबत्ती आग्नेय कोण में तथा एक लाल व पीली मोमबत्ती दक्षिण दिशा में नित्य प्रति जलाना शुरू कर दें।



यदि आपके घर में जवान बेटी है तथा उसकी शादी नहीं हो पा रही है, तो एक उपाय करें। कन्या के पलंग पर पीले रंग की चादर बिछाएं और उस पलंग पर कन्या को सोने के लिए कहें। इसके साथ ही बेडरूम की दीवारों पर हल्का रंग करें। ध्यान रहे कि कन्या का शयन कक्ष वायव्य कोण में स्थित होना चाहिए।



यदि आपके घर में आपका बेटा या बेटी पढ़ने-लिखने में कमजोर है तो उसे सलाह दें कि वह ईशान कोण की ओर मुख करके अध्ययन करें। पढ़ने के लिए बैठने से पूर्व वह कक्ष में दक्षिण दिशा में एक मोमबत्ती जलाएं, जो लाल रंग की हो। रोजाना स्टडी रूम में ऐसा प्रयोग करने से बच्चों की एकाग्रता बढ़ती है।

यदि आपके घर में तनाव रहता है तथा आप हर समय किसी न किसी प्रकार की चिंता में घुले रहते हैं तो मानसिक शांति के लिए ड्राइंग रूम में हल्के नीले रंग के सोफासेट का प्रयोग करें। दीवारों पर भी हल्के रंग की शेड करवाएं। फर्क पड़ेगा।

घर में तुलसी का पौधा अवश्य लगाएं। इससे परिवार में प्रेम बढ़ता है। तुलसी के पत्तों के नियमित सेवन से कई रोगों से मुक्ति मिलती है। ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) को हमेशा साफ-सुथरा रखें ताकि सूर्य की जीवनदायिनी किरणें घर में प्रवेश कर सकें ।

आपका ड्रॉइंग रूम आपके घर का सबसे महत्वपूर्ण कमरा होता है। यहाँ आपके परि‍वार के सदस्‍य सबसे ज्‍यादा वक्त बि‍ताते हैं। ड्रॉइंग रूम हमेशा उत्तर दि‍शा में होना चाहि‍ए। ड्रॉइंग रूम में रखा जाने वाला फर्नीचर वर्गाकार या आयताकार होना चाहि‍ए। ड्रॉइंग रूम के दक्षि‍ण और पश्चि‍मी कोनों में फर्नीचर रखें।

टेलीफोन को दक्षि‍ण पश्चि‍म कोने में रखें और टीवी छोड़कर अन्‍य इलेक्‍ट्रॉनि‍क उपकरण दक्षि‍ण पूर्वी कोने में रखें। सोफे को उत्तरी पश्चि‍मी कोने में रखें। सोफे को ड्रॉइंग रूम में एल शेप में रखने से बचें।

टीवी को दक्षि‍ण पूर्वी कोने में रखा जा सकता है और अलमारी व शोकेस दक्षिण पश्चि‍मी कोने में हों तो बहुत ही अच्‍छा है। टीवी के दोनों ओर फोटो फ्रेम, परि‍वार की तसवीरें रखें। साथ ही टीवी के पास आप अपने ईष्‍ट देव की मूर्ति‍ भी रख सकते हैं।

टीवी देखते समय जब आप इन तसवीरों और मूर्ति‍यों को देखेंगे तो सकारात्‍मक ऊर्जा और शुद्ध वि‍चार एक साथ आएँगे।



घर में कलह अथवा अशांति का वातावरण हो तो ड्राइंग रूम में फूलों का गुलदस्ता रखना श्रेष्ठ होता है। अशुद्ध वस्त्रों को घर के प्रवेश द्वार के मध्य में नहीं रखना चाहिए। वास्तु के अनुसार रसोईघर में देवस्थान नहीं होना चाहिए। गृहस्थ के बेडरूम में भगवान के चित्र अथवा धार्मिक महत्व की वस्तुएँ नहीं लगी होना चाहिए। घर में देवस्थान की दीवार से शौचालय की दीवार का संपर्क नहीं होना चाहिए।

घर के प्रवेश द्वार पर स्वस्तिक अथवा 'ॐ' की आकृति लगाने से घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। जिस भूखंड या मकान पर मंदिर की पीठ पड़ती है, वहाँ रहने वाले दिन-ब-दिन आर्थिक व शारीरिक परेशानियों में घिरते रहते है। समृद्धि की प्राप्ति के लिए नार्थ-ईस्ट दिशा में पानी का कलश अवश्य रखना चाहिए। घर में सकारात्मक वातावरण बनाने में सूर्य की रोशनी का विशेष महत्व होता है इसलिए घर की आंतरिक साज-सज्जा ऐसी होनी चाहिए कि सूर्य की रोशनी घर में पर्याप्त रूप में प्रवेश करे।



वास्तुशास्त्र के अनुसार भूखण्ड में उत्तर, पूर्व तथा उत्तर-पूर्व दिशा में खुला स्थान अधिक रखना चाहिए।
भवन निर्माण करते समय दक्षिण और पश्चिम दिशा में खुला स्थान कम रखें।
बॉलकनी या बरामदे के रूप में खुला स्थान उत्तर-पूर्व में ज्यादा रखें।
घर-परिवार में सुख-समृद्धि हेतु बरामदा या बालकनी उत्तर-पूर्व में ही निर्मित करना शुभ होता है।
भवन निर्माण करते समय मकान में खुली छत पूर्व तथा उत्तर दिशा में रखनी चाहिए।
जब दो मंजिला भवन निर्माण की योजना बना रहे हों, तो ध्यान में रखें कि दक्षिण व पश्चिम की अपेक्षा पूर्व व उत्तर की ऊंचाई कम होनी चाहिए।
मकान में उत्तर तथा पूर्व दिशा में सर्वाधिक दरवाजे तथा खिड़कियों को लगवाएं।
जहां तक संभव हो सके दरवाजे तथा खिड़कियों की संख्या समरूप में रखें- जैसे 2, 4, 6, 8 आदि। विषम संख्याएं होती हैं- 1, 3, 5, 7, 9 आदि उनसे बचें।



दक्षि‍ण पूर्वी कोने में एक मोमबत्ती या दि‍या जलाने से घर के लोगों की सेहत अच्‍छी रहती है। घर में आपका रसाईघर कि‍स दि‍शा में है इसका असर परि‍वार के स्‍वास्‍थ्य पर पड़ता है। इसलि‍ए रसोईघर को दक्षि‍ण पूर्व दि‍शा में ही बनाना चाहि‍ए। घर की बाउन्‍ड्री वॉल गेट की ऊँचाई के बराबर होनी चाहि‍ए। गेट के दोनो साइड नीबू के पौधे लगाने से अच्‍छा स्‍वास्‍थ्‍य मि‍लता है। अगर आपके घर में कोई ज्यादा ही बीमार रहता है तो उसके कमरे में दो हफ्ते तक जलती हुई मोमबत्ती रखें। घर की दक्षि‍ण दि‍शा में हनुमान जी की मूर्ति‍ रखें। यह अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य का कारक होता है। घर में पानी की टंकी को उत्तर दि‍शा में रखना घर के लागों के उत्तम स्‍वास्‍थ्‍य के लि‍ए अच्‍छा होता है।

भवन के उस भाग में जहाँ दो दीवारें मिलती हैं, खिड़कियाँ तथा रोशनदानों का निर्माण वहाँ न करवाएँ। यह अशुभकारी निर्माण होता है। जब कोई व्यक्ति मुख्यद्वार में प्रवेश करता है तो मुख्य द्वार से निकलने वाली चुम्बकीय तरंगें उसकी बुद्धि को प्रभावित करती हैं।

द्वार का सही दिशा में बनवाना आवश्यक है। प्रवेश द्वार सदैव अंदर की ओर खुलना चाहिए। प्रवेश द्वार दो पल्लों में हो तो बहुत ही उत्तम है। द्वार स्वतः ही खुलना व बंद होना नहीं चाहिए।

मुख्य द्वार के सम्मुख सीढ़ी, खम्भा, कीचड़ तथा मंन्दिर आदि नहीं होने चाहिए।
यदि बहुमंजिला इमारत है तो भूखंड पर पश्चिमी अथवा उत्तर दिशा की ओर अतिथि कक्ष का निर्माण उचित रहता है।

वास्तु दोष :- यदि भवन का पूर्व दिशा का भाग अन्य दिशाओं की अपेक्षा ऊँचा है तो अर्थ हानि, संतान अस्वस्थ एवं मंद बुद्धि वाली होगी।

निवारण :- भवन में टी. वी. का ऐन्टीना नैऋत्य कोण में लगा लें। जिसकी ऊँचाई भवन के पूर्वी एवं उत्तरी भाग की दीवारों से अधिक होनी चाहिए। यदि घर में टीवी नहीं है तो ऐन्टीना के स्थान पर लोहे का एक पाइप या डंडा लगाया जा सकता है। उपरोक्त दोनों उपायों के साथ-साथ भवन के दक्षिणी-पश्चिमी भाग में ठोस वस्तुएँ एवं उत्तरी पूर्वी भाग में पोली व हल्की वस्तुएँ रख देनी चाहिए।


वर्षा और ड्रेनेज के पानी का बहाव उत्तर-पूर्व या पूर्व-उत्तर होना चाहि‍ए। नए घर के नि‍र्माण में इस्‍तेमाल की जाने वाली सामग्री नवीन होनी चाहि‍ए।
2. बि‍ल्‍डिंग की ऊँचाई दक्षि‍ण-पश्चि‍मी दि‍शा से उत्तरी पूर्वी-दि‍शा की ओर घटनी चाहि‍ए।
3. घर की दक्षि‍ण-पश्चि‍मी दीवारों की मोटाई उत्तर-पूर्वी दि‍शा की दीवारों से ज्‍यादा होनी चाहि‍ए। घर या प्‍लॉट के मध्‍य में कूआं होना अमंगलकारी माना जाता है।
4. घर के ठीक सामने एक तुलसी का पौधा जरूर लगाना चाहि‍ए।
5. घर के मुख्‍य द्वार को ऐसे बनाएँ कि‍ प्रवेश करने वाले व्‍यक्ति‍ की छाया उस पर न पड़े।
6. फर्श का पोंछा लगाते समय आप जि‍स कीटनाशक का प्रयोग करें उसमें पहले थोड़ा सा सेंधा नमक मि‍ला लें।
7. घर के मुख्‍य द्वार पर गजलक्ष्मी की तस्‍वीर लगाना मंगलकारी होता है।
8. ग्राउंड फ्लोर के खि‍ड़की-दरवाजों की संख्‍या ऊपरी मंजि‍लों के खि‍ड़की-दरवाजों की संख्‍या से अधि‍क होनी चाहि‍ए।

तुलसी का पौधा अवश्य लगाएं। इससे परिवार में प्रेम बढ़ता है। तुलसी के पत्तों के नियमित सेवन से कई रोगों से मुक्ति मिलती है।* ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) को हमेशा साफ-सुथरा रखें ताकि सूर्य की जीवनदायिनी किरणें घर में प्रवेश कर सकें।* भोजन बनाते समय गृहिणी का हमेशा मुख पूर्व की ओर होना चाहिए। इससे भोजन सुपाच्य और स्वादिष्ट बनता है।



भूखंड में दक्षिण-पश्चिम दिशा में अंडर ग्राउंड टैंक विवाह-शादी पर रोक लगाता है। इस दिशा में बेसमेंट और ढलान होने पर भी विवाह-शादी में बाधाएँ आ खड़ी होती हैं।
दक्षिण-पश्चिमी भाग में से निकलने वाले पानी से कैंसर जैसी असाध्य बीमारी का अंदेशा बढ़ जाता है। यह दाम्पत्य संबंध भी तोड़ता है।
दक्षिण-पश्चिम भाग में बने अंडर ग्राउंड टैंक के पानी से नहाने वाले भी कैंसर जैसी असाध्य बीमारी का शिकार हो जाते हैं। यह पति या पत्नी को अकेला रहने पर मजबूर कर देता है।
मकान के प्रवेश द्वार पर दहलीज का निर्माण कराएँ। दहलीज के नीचे चाँदी का तार अवश्य लगवाएँ। ऐसा करने वालों के घर में धन की कभी कमी नहीं रहेगी और न ही किसी तरह की अशुभ ऊर्जा उनके घर में प्रवेश करेगी।
मकान के केन्द्र स्थल में कोई दीवार नहीं होनी चाहिए और न ही कोई खम्भा होना चाहिए।
मकान में धन-नकदी रखने की अलमारी कमरे के दक्षिण-पश्चिम भाग में होनी चाहिए।



आपका ड्रॉइंग रूम आपके घर का सबसे महत्वपूर्ण कमरा होता है। यहां आपके परि‍वार के सदस्‍य सबसे ज्‍यादा वक्त बि‍ताते हैं।

ड्रॉइंग रूम हमेशा उत्तर दि‍शा में होना चाहि‍ए।
ड्रॉइंग रूम में रखा जाने वाला फर्नीचर वर्गाकार या आयताकार होना चाहि‍ए।
ड्रॉइंग रूम के दक्षि‍ण और पश्चि‍मी कोनों में फर्नीचर रखें।
टेलीफोन को दक्षि‍ण पश्चि‍म कोने में रखें और टीवी छोड़कर अन्‍य इलेक्‍ट्रॉनि‍क उपकरण दक्षि‍ण पूर्वी कोने में रखें।
सोफे को उत्तरी पश्चि‍मी कोने में रखें।





सोफे को ड्रॉइंग रूम में एल शेप में रखने से बचें।
टीवी को दक्षि‍ण पूर्वी कोने में रखा जा सकता है और अलमारी व शोकेस दक्षिण पश्चि‍मी कोने में हों तो बहुत ही अच्‍छा है।
टीवी के दोनों ओर फोटो फ्रेम, परि‍वार की तस्वीरे रखें।
साथ ही टीवी के पास आप अपने ईष्‍ट देव की मूर्ति‍ भी रख सकते हैं। टीवी देखते समय जब आप इन तस्वीरों और मूर्ति‍यों को देखेंगे तो सकारात्‍मक ऊर्जा और शुद्ध वि‍चार एक साथ आएंगे।


घर में कभी भी बासी खाने, मुरझाए फूलों, फटे हुए कपड़ों, रद्दी कागजों, खाली डि‍ब्‍बों और गैरजरूरी चीजों का संग्रह नहीं करना चाहि‍ए। ऐसी चीजें लक्ष्मी को घर में आने से रोकती हैं।
2. घर की खि‍ड़कि‍याँ हमेशा बाहर की तरफ खुलनी चाहि‍ए।
3. घर में कैक्‍टस या नागफनी का पौधा न रखें।
4. अगर आप मल्‍टी में रहते हैं जहाँ लि‍फ्ट लगी हो तो कोशि‍श करें की लि‍फ्ट का दरवाजा आपके मुख्‍यद्वार के सामने न खुलता हो।
5. ति‍कोने, अंडाकार या गोल आकृति‍ के के कमरे घर में न नि‍कालें।
6. दाईं ओर मुड़कर ऊपर जानी वाली सीढ़ि‍याँ दो भागों में वि‍भाजि‍त होनी चाहि‍ए। इन्‍हें उत्तर पूर्व या दक्षि‍ण पश्चि‍म वाले कोने को छोड़कर अन्‍य जगह पर बनाएँ। उत्तर या पश्चि‍म की तरफ उतरती हुई सीढ़ि‍यों से घर में पैसे की बरबादी हो सकती है।
7. अगर घर में संगमरमर का फर्श है तो ध्‍यान रखें की चमड़े के जूते इधर-उधर न बि‍खरे रहें।

कैसा हो आपका किचन

महिलाओं का अधिकतम समय किचन में ही बीतता है। वास्तुशास्त्रियों के मुताबिक यदि वास्तु सही न हो तो उसका विपरीत प्रभाव महिला पर, घर पर भी पड़ता है। किचन बनवाते समय इन बातों पर गौर करें।



किचन की ऊँचाई 10 से 11 फीट होनी चाहिए और गर्म हवा निकलने के लिए वेंटीलेटर होना चाहिए। यदि 4-5 फीट में किचन की ऊँचाई हो तो महिलाओं के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। कभी भी किचन से लगा हुआ कोई जल स्त्रोत नहीं होना चाहिए। किचन के बाजू में बोर, कुआँ, बाथरूम बनवाना अवाइड करें, सिर्फ वाशिंग स्पेस दे सकते हैं।

किचन में सूर्य की रोशनी सबसे ज्यादा आए। इस बात का हमेशा ध्यान रखें। किचन की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि इससे सकारात्मक व पॉजिटिव एनर्जी आती है।

- किचन हमेशा दक्षिण-पूर्व कोना जिसे अग्निकोण (आग्नेय) कहते है, में ही बनवाना चाहिए। यदि इस कोण में किचन बनाना संभव न हो तो उत्तर-पश्चिम कोण जिसे वायव्य कोण भी कहते हैं पर बनवा सकते हैं।

- किचन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा प्लेटफार्म हमेशा पूर्व में होना चाहिए और ईशान कोण में सिंक व अग्नि कोण चूल्हा लगाना चाहिए।

- किचन के दक्षिण में कभी भी कोई दरवाजा या खिड़की नहीं होने चाहिए। खिड़की पूर्व की ओर में ही रखें।

- रंग का चयन करते समय भी विशेष ध्यान रखें। महिलाओं की कुंडली के आधार पर रंग का चयन करना चाहिए।

- किचन में कभी भी ग्रेनाइट का फ्लोर या प्लेटफार्म नहीं बनवाना चाहिए और न ही मीरर जैसी कोई चीज होनी चाहिए, क्योंकि इससे विपरित प्रभाव पड़ता है और घर में कलह की स्थिति बढ़ती है।

- किचन में लॉफ्ट, अलमारी दक्षिण या पश्चिम दीवार में ही होना चाहिए।

- पानी फिल्टर ईशान कोण में लगाएँ।

- किचन में कोई भी पावर प्वाइंट जैसे मिक्सर, ग्रांडर, माइक्रोवेव, ओवन को प्लेटफार्म में दक्षिण की तरफ लगाना चाहिए। फ्रिज हमेशा वायव्य कोण में रखें।

नौकरों के कमरे- वास्तु के अनुसार नौकरों या सेवकों के लिए कमरे बनाने जा रहे हैं, तो उनके कमरे हमेशा मकान के दक्षिण-पूर्व या उत्तर-पूर्व में बनवाएँ।
दुछत्ती- दुछत्ती का निर्माण दक्षिण या पश्चिम दिशा में ही करना चाहिए।
सेप्टिक टैंक- यह उत्तर-पश्चिम, वायव्य कोण में बनवाना चाहिए।

मकान में स्टोर रूम अथवा भंडार गृह उत्तर, उत्तर व ईशान कोण के मध्य, पूर्व व आग्नेय कोण के मध्य या दक्षिण व आग्नेय कोण के मध्य बनवाने से गृह स्वामी सदा सुखी व बलशाली रहता है। परिवार खुशहाल तथा घर में किसी तरह का कोई कष्ट नहीं होता। मकान में आंगन निकलवाने का तात्पर्य गृह स्वामी तथा उनके परिवार की आरोग्य रक्षा से है जो कि सूर्य प्रकाश से है, खुली हवा से है।

जिस घर में प्राकृतिक हवा व सूर्य प्रकाश बेरोक-टोक पहुंच सके उस घर के प्राणी बहुत कम बीमार होते हैं। वे हमेशा सुखी व प्रसन्नचित रहते हैं। यदि घर में बैठक-कक्ष में खाने-पीने का उपयोग भी करना हो, तो डॉयनिंग टेबल बैठक-कक्ष के दक्षिण-पूर्व में रखें। अलग डायनिंग कक्ष पूर्व या पश्चिम दिशा में बनाना शुभ होता है।

मकान में मुख्य द्वार एक ही होता है। मुख्य द्वार में मांगलिक चिन्ह जैसे स्वास्तिक या कलश या क्रॉस बनवाएं। मकान में रसोईघर आग्नेय कोण में बनवाएं। यह अत्यंत शुभ व सर्वाधिक श्रेष्ठ तथा उत्तम है। डायनिंग हॉल मकान में पूर्व या पश्चिम दिशा में बनवाएं। कुछ लोग ईशान कोण में बनवाते हैं, लेकिन वास्तु के हिसाब से यह शुभ नहीं है।




घर, एक ऐसी जगह होती है जहां हम खुलकर सांस लेना चाहते हैं। जहां मीठी-सी नींद पलक झपकते ही आ जाए। जहां कभी पूरे परिवार के साथ हंसी की खिलखिलाहट सुनाई दे तो कभी कोई कोना हमारे एकांत का साथी बने। इसी घर में जब कलह और तनाव मेहमान बनते हैं तो सारे घर की शांति चली जाती है। हमें नहीं पता होता है कि ऐसा क्यों होता है?क्यों छोटी-छोटी बातों पर हम अपने ही परिवार से झगड़ बैठते हैं? वास्तु शास्त्र बताता है

मकान बनाते समय उपरोक्त पंच तत्वों के लिए जो प्रकृति जन्य दिशाएँ निर्धारित हैं, उन्हीं के अनुरूप दिशाओं में कक्षों का निर्माण किया जाना चाहिए। नए भवन के निर्माण कराते समय आप अपने शहर के किसी अच्छे वास्तु के जानकार से सलाह अवश्य लें। वास्तु का प्रभाव भवन के रहने वाले व्यक्तियों पर अवश्य पढ़ता है।

परंतु इसके साथ-साथ व्यक्ति विशेष के ग्रह योग भी वास्तु के प्रभाव को घटाते-बढ़ाते हैं। हो सकता है कि एक व्यक्ति को कोई विशेष स्थान तकलीफ न दे पर वही स्थान दूसरे व्यक्ति को अत्यंत तकलीफदायक हो। ‑

भवन के दरवाजे अपने आप खुलने या अपने आप बंद न होते हों यह भी ध्यान रखना चाहिए। दरवाजों को खोलने या बंद करते समय आवाज होना अशुभ माना गया है। ‑भवन में सीढ़ियाँ वास्तु नियम के अनुरूप बनानी चाहिए, सीढ़ियाँ विषम संख्या (5,7, 9) में होनी चाहिए।

आधुनिक परिप्रेक्ष्य में पृथ्वी, जल, तेज, वायु, आकाश, पंच तत्व को अपने भवन के अधीन बनाना ही सच्चे अर्थों में वास्तु शास्त्र का रहस्य होता है। नए भवन निर्माण के समय कुछ मुख्य बातों पर ध्यान अवश्य दें : ‑

1. जो प्लॉट त्रिकोण आकार का हो, उस पर निर्माण कराना हानिकारक होता है।
2. ‑भवन निर्माण कार्य शुरू करने के पहले अपने आदरणीय विद्वान पंडित से शुभ मुहूर्त निकलवा लेना चाहिए।
3. ‑भवन निर्माण में शिलान्यास के समय ध्रुव तारे का स्मरण करके नींव रखें। संध्या काल और मध्य रात्रि में नींव न रखें।
4. ‑नए भवन निर्माण में ईंट, पत्थर, मिट्टी ओर लकड़ी नई ही उपयोग करना। एक मकान की निकली सामग्री नए मकान में लगाना हानिकारक होता है।
5. ‑भवन का मुख्य द्वार सिर्फ एक होना चाहिए तो उत्तर मुखी सर्वश्रेष्ठ एवं पूर्व मुखी भी अच्छा होता है। मुख्य द्वार की चौखट चार लकड़ी की एवं दरवाजा दो पल्लों का होना चाहिए।

आपको लगता है कि आपसे कोई ईर्ष्या करता है। आपके कई दुश्मन हो गए हैं। हमेशा असुरक्षा व भय के माहौल में जी रहे हैं। तो मकान की दक्षिण दिशा में अगर कोई जल का स्थान हो, तो उसे वहां से हटा दें।

इसके साथ ही एक लाल रंग की मोमबत्ती आग्नेय कोण में तथा एक लाल व पीली मोमबत्ती दक्षिण दिशा में नित्य प्रति जलाना शुरू कर दें।



यदि आपके घर में जवान बेटी है तथा उसकी शादी नहीं हो पा रही है, तो एक उपाय करें। कन्या के पलंग पर पीले रंग की चादर बिछाएं और उस पलंग पर कन्या को सोने के लिए कहें। इसके साथ ही बेडरूम की दीवारों पर हल्का रंग करें। ध्यान रहे कि कन्या का शयन कक्ष वायव्य कोण में स्थित होना चाहिए।



यदि आपके घर में आपका बेटा या बेटी पढ़ने-लिखने में कमजोर है तो उसे सलाह दें कि वह ईशान कोण की ओर मुख करके अध्ययन करें। पढ़ने के लिए बैठने से पूर्व वह कक्ष में दक्षिण दिशा में एक मोमबत्ती जलाएं, जो लाल रंग की हो। रोजाना स्टडी रूम में ऐसा प्रयोग करने से बच्चों की एकाग्रता बढ़ती है।

यदि आपके घर में तनाव रहता है तथा आप हर समय किसी न किसी प्रकार की चिंता में घुले रहते हैं तो मानसिक शांति के लिए ड्राइंग रूम में हल्के नीले रंग के सोफासेट का प्रयोग करें। दीवारों पर भी हल्के रंग की शेड करवाएं। फर्क पड़ेगा।

घर में तुलसी का पौधा अवश्य लगाएं। इससे परिवार में प्रेम बढ़ता है। तुलसी के पत्तों के नियमित सेवन से कई रोगों से मुक्ति मिलती है। ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) को हमेशा साफ-सुथरा रखें ताकि सूर्य की जीवनदायिनी किरणें घर में प्रवेश कर सकें ।

आपका ड्रॉइंग रूम आपके घर का सबसे महत्वपूर्ण कमरा होता है। यहाँ आपके परि‍वार के सदस्‍य सबसे ज्‍यादा वक्त बि‍ताते हैं। ड्रॉइंग रूम हमेशा उत्तर दि‍शा में होना चाहि‍ए। ड्रॉइंग रूम में रखा जाने वाला फर्नीचर वर्गाकार या आयताकार होना चाहि‍ए। ड्रॉइंग रूम के दक्षि‍ण और पश्चि‍मी कोनों में फर्नीचर रखें।

टेलीफोन को दक्षि‍ण पश्चि‍म कोने में रखें और टीवी छोड़कर अन्‍य इलेक्‍ट्रॉनि‍क उपकरण दक्षि‍ण पूर्वी कोने में रखें। सोफे को उत्तरी पश्चि‍मी कोने में रखें। सोफे को ड्रॉइंग रूम में एल शेप में रखने से बचें।

टीवी को दक्षि‍ण पूर्वी कोने में रखा जा सकता है और अलमारी व शोकेस दक्षिण पश्चि‍मी कोने में हों तो बहुत ही अच्‍छा है। टीवी के दोनों ओर फोटो फ्रेम, परि‍वार की तसवीरें रखें। साथ ही टीवी के पास आप अपने ईष्‍ट देव की मूर्ति‍ भी रख सकते हैं।

टीवी देखते समय जब आप इन तसवीरों और मूर्ति‍यों को देखेंगे तो सकारात्‍मक ऊर्जा और शुद्ध वि‍चार एक साथ आएँगे।



घर में कलह अथवा अशांति का वातावरण हो तो ड्राइंग रूम में फूलों का गुलदस्ता रखना श्रेष्ठ होता है। अशुद्ध वस्त्रों को घर के प्रवेश द्वार के मध्य में नहीं रखना चाहिए। वास्तु के अनुसार रसोईघर में देवस्थान नहीं होना चाहिए। गृहस्थ के बेडरूम में भगवान के चित्र अथवा धार्मिक महत्व की वस्तुएँ नहीं लगी होना चाहिए। घर में देवस्थान की दीवार से शौचालय की दीवार का संपर्क नहीं होना चाहिए।

घर के प्रवेश द्वार पर स्वस्तिक अथवा 'ॐ' की आकृति लगाने से घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। जिस भूखंड या मकान पर मंदिर की पीठ पड़ती है, वहाँ रहने वाले दिन-ब-दिन आर्थिक व शारीरिक परेशानियों में घिरते रहते है। समृद्धि की प्राप्ति के लिए नार्थ-ईस्ट दिशा में पानी का कलश अवश्य रखना चाहिए। घर में सकारात्मक वातावरण बनाने में सूर्य की रोशनी का विशेष महत्व होता है इसलिए घर की आंतरिक साज-सज्जा ऐसी होनी चाहिए कि सूर्य की रोशनी घर में पर्याप्त रूप में प्रवेश करे।



वास्तुशास्त्र के अनुसार भूखण्ड में उत्तर, पूर्व तथा उत्तर-पूर्व दिशा में खुला स्थान अधिक रखना चाहिए।
भवन निर्माण करते समय दक्षिण और पश्चिम दिशा में खुला स्थान कम रखें।
बॉलकनी या बरामदे के रूप में खुला स्थान उत्तर-पूर्व में ज्यादा रखें।
घर-परिवार में सुख-समृद्धि हेतु बरामदा या बालकनी उत्तर-पूर्व में ही निर्मित करना शुभ होता है।
भवन निर्माण करते समय मकान में खुली छत पूर्व तथा उत्तर दिशा में रखनी चाहिए।
जब दो मंजिला भवन निर्माण की योजना बना रहे हों, तो ध्यान में रखें कि दक्षिण व पश्चिम की अपेक्षा पूर्व व उत्तर की ऊंचाई कम होनी चाहिए।
मकान में उत्तर तथा पूर्व दिशा में सर्वाधिक दरवाजे तथा खिड़कियों को लगवाएं।
जहां तक संभव हो सके दरवाजे तथा खिड़कियों की संख्या समरूप में रखें- जैसे 2, 4, 6, 8 आदि। विषम संख्याएं होती हैं- 1, 3, 5, 7, 9 आदि उनसे बचें।



दक्षि‍ण पूर्वी कोने में एक मोमबत्ती या दि‍या जलाने से घर के लोगों की सेहत अच्‍छी रहती है। घर में आपका रसाईघर कि‍स दि‍शा में है इसका असर परि‍वार के स्‍वास्‍थ्य पर पड़ता है। इसलि‍ए रसोईघर को दक्षि‍ण पूर्व दि‍शा में ही बनाना चाहि‍ए। घर की बाउन्‍ड्री वॉल गेट की ऊँचाई के बराबर होनी चाहि‍ए। गेट के दोनो साइड नीबू के पौधे लगाने से अच्‍छा स्‍वास्‍थ्‍य मि‍लता है। अगर आपके घर में कोई ज्यादा ही बीमार रहता है तो उसके कमरे में दो हफ्ते तक जलती हुई मोमबत्ती रखें। घर की दक्षि‍ण दि‍शा में हनुमान जी की मूर्ति‍ रखें। यह अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य का कारक होता है। घर में पानी की टंकी को उत्तर दि‍शा में रखना घर के लागों के उत्तम स्‍वास्‍थ्‍य के लि‍ए अच्‍छा होता है।

भवन के उस भाग में जहाँ दो दीवारें मिलती हैं, खिड़कियाँ तथा रोशनदानों का निर्माण वहाँ न करवाएँ। यह अशुभकारी निर्माण होता है। जब कोई व्यक्ति मुख्यद्वार में प्रवेश करता है तो मुख्य द्वार से निकलने वाली चुम्बकीय तरंगें उसकी बुद्धि को प्रभावित करती हैं।

द्वार का सही दिशा में बनवाना आवश्यक है। प्रवेश द्वार सदैव अंदर की ओर खुलना चाहिए। प्रवेश द्वार दो पल्लों में हो तो बहुत ही उत्तम है। द्वार स्वतः ही खुलना व बंद होना नहीं चाहिए।

मुख्य द्वार के सम्मुख सीढ़ी, खम्भा, कीचड़ तथा मंन्दिर आदि नहीं होने चाहिए।
यदि बहुमंजिला इमारत है तो भूखंड पर पश्चिमी अथवा उत्तर दिशा की ओर अतिथि कक्ष का निर्माण उचित रहता है।

वास्तु दोष :- यदि भवन का पूर्व दिशा का भाग अन्य दिशाओं की अपेक्षा ऊँचा है तो अर्थ हानि, संतान अस्वस्थ एवं मंद बुद्धि वाली होगी।

निवारण :- भवन में टी. वी. का ऐन्टीना नैऋत्य कोण में लगा लें। जिसकी ऊँचाई भवन के पूर्वी एवं उत्तरी भाग की दीवारों से अधिक होनी चाहिए। यदि घर में टीवी नहीं है तो ऐन्टीना के स्थान पर लोहे का एक पाइप या डंडा लगाया जा सकता है। उपरोक्त दोनों उपायों के साथ-साथ भवन के दक्षिणी-पश्चिमी भाग में ठोस वस्तुएँ एवं उत्तरी पूर्वी भाग में पोली व हल्की वस्तुएँ रख देनी चाहिए।

वर्षा और ड्रेनेज के पानी का बहाव उत्तर-पूर्व या पूर्व-उत्तर होना चाहि‍ए। नए घर के नि‍र्माण में इस्‍तेमाल की जाने वाली सामग्री नवीन होनी चाहि‍ए।
बि‍ल्‍डिंग की ऊँचाई दक्षि‍ण-पश्चि‍मी दि‍शा से उत्तरी पूर्वी-दि‍शा की ओर घटनी चाहि‍ए।
घर की दक्षि‍ण-पश्चि‍मी दीवारों की मोटाई उत्तर-पूर्वी दि‍शा की दीवारों से ज्‍यादा होनी चाहि‍ए। घर या प्‍लॉट के मध्‍य में कूआं होना अमंगलकारी माना जाता है।

घर के ठीक सामने एक तुलसी का पौधा जरूर लगाना चाहि‍ए।

घर के मुख्‍य द्वार को ऐसे बनाएँ कि‍ प्रवेश करने वाले व्‍यक्ति‍ की छाया उस पर न पड़े।

फर्श का पोंछा लगाते समय आप जि‍स कीटनाशक का प्रयोग करें उसमें पहले थोड़ा सा सेंधा नमक मि‍ला लें।

घर के मुख्‍य द्वार पर गजलक्ष्मी की तस्‍वीर लगाना मंगलकारी होता है।

ग्राउंड फ्लोर के खि‍ड़की-दरवाजों की संख्‍या ऊपरी मंजि‍लों के खि‍ड़की-दरवाजों की संख्‍या से अधि‍क होनी चाहि‍ए।

तुलसी का पौधा अवश्य लगाएं। इससे परिवार में प्रेम बढ़ता है। तुलसी के पत्तों के नियमित सेवन से कई रोगों से मुक्ति मिलती है।

* ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) को हमेशा साफ-सुथरा रखें ताकि सूर्य की जीवनदायिनी किरणें घर में प्रवेश कर सकें।

* भोजन बनाते समय गृहिणी का हमेशा मुख पूर्व की ओर होना चाहिए। इससे भोजन सुपाच्य और स्वादिष्ट बनता है।
भूखंड में दक्षिण-पश्चिम दिशा में अंडर ग्राउंड टैंक विवाह-शादी पर रोक लगाता है। इस दिशा में बेसमेंट और ढलान होने पर भी विवाह-शादी में बाधाएँ आ खड़ी होती हैं। दक्षिण-पश्चिमी भाग में से निकलने वाले पानी से कैंसर जैसी असाध्य बीमारी का अंदेशा बढ़ जाता है। यह दाम्पत्य संबंध भी तोड़ता है। दक्षिण-पश्चिम भाग में बने अंडर ग्राउंड टैंक के पानी से नहाने वाले भी कैंसर जैसी असाध्य बीमारी का शिकार हो जाते हैं। यह पति या पत्नी को अकेला रहने पर मजबूर कर देता है। मकान के प्रवेश द्वार पर दहलीज का निर्माण कराएँ। दहलीज के नीचे चाँदी का तार अवश्य लगवाएँ। ऐसा करने वालों के घर में धन की कभी कमी नहीं रहेगी और न ही किसी तरह की अशुभ ऊर्जा उनके घर में प्रवेश  करेगी। मकान के केन्द्र स्थल में कोई दीवार नहीं होनी चाहिए और न ही कोई खम्भा होना चाहिए। मकान में धन-नकदी रखने की अलमारी कमरे के दक्षिण-पश्चिम भाग में होनी चाहिए। 

आपका ड्रॉइंग रूम आपके घर का सबसे महत्वपूर्ण कमरा होता है। यहां आपके परि‍वार के सदस्‍य सबसे ज्‍यादा वक्त बि‍ताते हैं।

ड्रॉइंग रूम हमेशा उत्तर दि‍शा में होना चाहि‍ए।

ड्रॉइंग रूम में रखा जाने वाला फर्नीचर वर्गाकार या आयताकार होना चाहि‍ए।

ड्रॉइंग रूम के दक्षि‍ण और पश्चि‍मी कोनों में फर्नीचर रखें।

टेलीफोन को दक्षि‍ण पश्चि‍म कोने में रखें और टीवी छोड़कर अन्‍य 

इलेक्‍ट्रॉनि‍क उपकरण दक्षि‍ण पूर्वी कोने में रखें।

सोफे को उत्तरी पश्चि‍मी कोने में रखें।
सोफे को ड्रॉइंग रूम में एल शेप में रखने से बचें। 
टीवी को दक्षि‍ण पूर्वी कोने में रखा जा सकता है और अलमारी व शोकेस दक्षिण पश्चि‍मी कोने में हों तो बहुत ही अच्‍छा है।
टीवी के दोनों ओर फोटो फ्रेम, परि‍वार की तस्वीरे रखें।
साथ ही टीवी के पास आप अपने ईष्‍ट देव की मूर्ति‍ भी रख सकते हैं। टीवी देखते समय जब आप इन तस्वीरों और मूर्ति‍यों को देखेंगे तो सकारात्‍मक ऊर्जा और शुद्ध वि‍चार एक साथ आएंगे।

घर में कभी भी बासी खाने, मुरझाए फूलों, फटे हुए कपड़ों, रद्दी कागजों, खाली डि‍ब्‍बों और गैरजरूरी चीजों का संग्रह नहीं करना चाहि‍ए। ऐसी चीजें लक्ष्मी को घर में आने से रोकती हैं।
2. घर की खि‍ड़कि‍याँ हमेशा बाहर की तरफ खुलनी चाहि‍ए।
3. घर में कैक्‍टस या नागफनी का पौधा न रखें।
4. अगर आप मल्‍टी में रहते हैं जहाँ लि‍फ्ट लगी हो तो कोशि‍श करें की लि‍फ्ट का दरवाजा आपके मुख्‍यद्वार के सामने न खुलता हो।
5. ति‍कोने, अंडाकार या गोल आकृति‍ के के कमरे घर में न नि‍कालें।
6. दाईं ओर मुड़कर ऊपर जानी वाली सीढ़ि‍याँ दो भागों में वि‍भाजि‍त होनी चाहि‍ए। इन्‍हें उत्तर पूर्व या दक्षि‍ण पश्चि‍म वाले कोने को छोड़कर अन्‍य जगह पर बनाएँ। उत्तर या पश्चि‍म की तरफ उतरती हुई सीढ़ि‍यों से घर में पैसे की बरबादी हो सकती है।
7. अगर घर में संगमरमर का फर्श है तो ध्‍यान रखें की चमड़े के जूते इधर-उधर न बि‍खरे रहें।

कैसा हो आपका किचन

महिलाओं का अधिकतम समय किचन में ही बीतता है। वास्तुशास्त्रियों के मुताबिक यदि वास्तु सही न हो तो उसका विपरीत प्रभाव महिला पर, घर पर भी पड़ता है। किचन बनवाते समय इन बातों पर गौर करें।
किचन की ऊँचाई 10 से 11 फीट होनी चाहिए और गर्म हवा निकलने के लिए वेंटीलेटर होना चाहिए। यदि 4-5 फीट में किचन की ऊँचाई हो तो महिलाओं के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। कभी भी किचन से लगा हुआ कोई जल स्त्रोत नहीं होना चाहिए। किचन के बाजू में बोर, कुआँ, बाथरूम बनवाना अवाइड करें, सिर्फ वाशिंग स्पेस दे सकते हैं। 

किचन में सूर्य की रोशनी सबसे ज्यादा आए। इस बात का हमेशा ध्यान रखें। किचन की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि इससे सकारात्मक व पॉजिटिव एनर्जी आती है।

- किचन हमेशा दक्षिण-पूर्व कोना जिसे अग्निकोण (आग्नेय) कहते है, में ही बनवाना चाहिए। यदि इस कोण में किचन बनाना संभव न हो तो उत्तर-पश्चिम कोण जिसे वायव्य कोण भी कहते हैं पर बनवा सकते हैं।

- किचन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा प्लेटफार्म हमेशा पूर्व में होना चाहिए और ईशान कोण में सिंक व अग्नि कोण चूल्हा लगाना चाहिए।

- किचन के दक्षिण में कभी भी कोई दरवाजा या खिड़की नहीं होने चाहिए। खिड़की पूर्व की ओर में ही रखें।

- रंग का चयन करते समय भी विशेष ध्यान रखें। महिलाओं की कुंडली के आधार पर रंग का चयन करना चाहिए।

- किचन में कभी भी ग्रेनाइट का फ्लोर या प्लेटफार्म नहीं बनवाना चाहिए और न ही मीरर जैसी कोई चीज होनी चाहिए, क्योंकि इससे विपरित प्रभाव पड़ता है और घर में कलह की स्थिति बढ़ती है।

- किचन में लॉफ्ट, अलमारी दक्षिण या पश्चिम दीवार में ही होना चाहिए।

- पानी फिल्टर ईशान कोण में लगाएँ।

- किचन में कोई भी पावर प्वाइंट जैसे मिक्सर, ग्रांडर, माइक्रोवेव, ओवन को प्लेटफार्म में दक्षिण की तरफ लगाना चाहिए। फ्रिज हमेशा वायव्य कोण में रखें।

नौकरों के कमरे- वास्तु के अनुसार नौकरों या सेवकों के लिए कमरे बनाने जा रहे हैं, तो उनके कमरे हमेशा मकान के दक्षिण-पूर्व या उत्तर-पूर्व में बनवाएँ।
दुछत्ती- दुछत्ती का निर्माण दक्षिण या पश्चिम दिशा में ही करना चाहिए।
सेप्टिक टैंक- यह उत्तर-पश्चिम, वायव्य कोण में बनवाना चाहिए।

मकान में स्टोर रूम अथवा भंडार गृह उत्तर, उत्तर व ईशान कोण के मध्य, पूर्व व आग्नेय कोण के मध्य या दक्षिण व आग्नेय कोण के मध्य बनवाने से गृह स्वामी सदा सुखी व बलशाली रहता है। परिवार खुशहाल तथा घर में किसी तरह का कोई कष्ट नहीं होता। मकान में आंगन निकलवाने का तात्पर्य गृह स्वामी तथा उनके परिवार की आरोग्य रक्षा से है जो कि सूर्य प्रकाश से है, खुली हवा से है।

जिस घर में प्राकृतिक हवा व सूर्य प्रकाश बेरोक-टोक पहुंच सके उस घर के प्राणी बहुत कम बीमार होते हैं। वे हमेशा सुखी व प्रसन्नचित रहते हैं। यदि घर में बैठक-कक्ष में खाने-पीने का उपयोग भी करना हो, तो डॉयनिंग टेबल बैठक-कक्ष के दक्षिण-पूर्व में रखें। अलग डायनिंग कक्ष पूर्व या पश्चिम दिशा में बनाना शुभ होता है।

मकान में मुख्य द्वार एक ही होता है। मुख्य द्वार में मांगलिक चिन्ह जैसे स्वास्तिक या कलश या क्रॉस बनवाएं। मकान में रसोईघर आग्नेय कोण में बनवाएं। यह अत्यंत शुभ व सर्वाधिक श्रेष्ठ तथा उत्तम है। डायनिंग हॉल मकान में पूर्व या पश्चिम दिशा में बनवाएं। कुछ लोग ईशान कोण में बनवाते हैं, लेकिन वास्तु के हिसाब से यह शुभ नहीं है।
वास्‍तु टिप्‍स- किधर हो घर की खिड़की 

जहां खिड़की गलत तरीके से लगी होती है। यदि किसी तिकोने मकान की छाया आपके मकान के मुख्यद्वार पर पड़ती हो तो, यह स्थिति अशुभ मानी जाती है। ऐसे मकान में गृहस्वामी या शयनकक्ष में सोने वाले व्यक्तियों को दुर्घटना का भय बना रहता है। परिवार में आर्थिक समस्यायें भी बनी रहती है।उपाय- शयनकक्ष की खिड़की पर हरे रंग पर्दा एंव प्लास्टिक ब्लेड लगाने से लाभकारी परिणाम मिलने लगते है। मुख्यद्वार पर स्वास्तिक बनाना...
जहां खिड़की गलत तरीके से लगी होती है। यदि किसी तिकोने मकान की छाया आपके मकान के मुख्यद्वार पर पड़ती हो तो, यह स्थिति अशुभ मानी जाती है। ऐसे मकान में गृहस्वामी या शयनकक्ष में सोने वाले व्यक्तियों को दुर्घटना का भय बना रहता है। परिवार में आर्थिक समस्यायें भी बनी रहती है।उपाय- शयनकक्ष की खिड़की पर हरे रंग पर्दा एंव प्लास्टिक ब्लेड लगाने से लाभकारी परिणाम मिलने लगते है। मुख्यद्वार पर स्वास्तिक बनाना...